सोनपुर विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में झारखंड एवं अन्य जिले से आए दर्जनों लोग मेले में आकर संजीवनी बूटी के नाम से प्रसिद्ध एक पौधे को लाकर यहां बेच रहे हैं । कहा जाता है कि जब लक्ष्मण को लंकापति रावण के पुत्र मेघनाथ के बीच जब युद्ध हुआ तो तीर से घायल लक्ष्मण का उपचार संजीवनी बूटी से हुआ था । सोनपुर मेला में जगह-जगह संजीवनी बूटी दुकानदार सजाकर उस बूटी पौधे को बेच रहे हैं । मेले में संजीवनी बूटी के नकली पौधे की बिक्री खूब हो रही है । संजीवनी बूटी की खूबसूरती तब दिल को गदगद कर देता है जब सूखे छोटे-छोटे पौधे को पानी में डालकर रखा जाता है तो वह पौधा पानी को वह धीरे-धीरे हरे हरे होकर एक गुलदस्ता किस्म के खूबसूरत हरे भरे पौधे के रूप में हो जाती है । पौधा विक्रेता ने बताया कि इसका कीमत मात्र ₹25 मांगा है । एक गमले या किसी वस्तु में पानी मे रखने के बाद हरियाली के रूप धारण कर लेती है । पौधे घर में सजावट के लिए भी रखे जाते हैं । घरों में हरे भरे पौधे रखने से घर में खुशहाली हरियाली रहती है । ऐसी मान्यता है कि इस पौधे के घर में रखने से घरों में सुख शांति समृद्धि के साथ-साथ सभी के मन शांत एवं खुशहाली मन रहती है ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।