सोनपुर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने या आपदाओं में सर्वाधिक प्रभावित समाज का गरीब तबका होता है। आपदा के बाद रोजगार के अभाव में परिवार परेशानियों का सामना करता है। विस्थापन को मजबूर होता है। ऐसी विषम परिस्थिति से उबरने में हाथों का हुनर कारगर साबित होगा। जीविका ने इस दिशा में पहल की है। हुनर को रोजगार से जोड़कर लोगों को आर्थिक स्वावलंबन की राह पर चलना सीखा रहा है। सोनपुर मेला में लगे बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पेवेलियन में व ग्राम श्री मंडप में लगाये गए दर्जनों स्टॉल पर बांस से निर्मित उत्पादों को देखने हर दिन बड़ी संख्या में मेलार्थी आ रहे हैं। यहां उन्हें बांस के बने उत्पाद को दिखाते हुए बनाने की जानकारी भी दी जा रही है। ग्राम श्री मंडप में जीविका के स्टॉल पर मौजूद जीविका से जुड़े प्रिंस बच्चों और महिलाओं की टीम बताते हैं कि बांस की उपलब्धता हर गांव, शहर में है। इसे काटकर इससे कई उपयोगी सामान बनाए जा सकते हैं और बनाये गए सामग्री को बाजार में इसकी भी माँग बढ़ी है। इस स्वरोजगार कर लोग अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। ज़्यादा जानकारी के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
