सोनपुर -विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में मीडिया सेंटर पर बुधवार के दिन जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता सारण के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने की । उन्होंने राष्ट्र के निर्माण में मीडिया की भूमिका विषय पर प्रकाश डाला और कहा कि मीडिया और प्रशासन के बीच तालमेल जरूरी है ताकि पत्रकार जो खबर छापे उस पर अमल किया जाए । सोनपुर के वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मानपूरी ने इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रेस परिवाद का गठन आज ही के दिन 16 नवंबर 1966 में किया गया था । उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में पत्रकारों की जो भूमिका रही वह आजादी दिलाने के लिए थी जो कभी भुलाया नहीं जा सकता है । उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और बाद में भी लोगों में अलख जगाने में बड़ी भूमिका मीडिया की होती है लेकिन इस मिशन की परिस्थिति हमेशा जटिल रही है। कह सकते हैं कि जो चुनौती पहले थी वह आज भी बनी हुई है। कहने को तो देश में चौथा स्तंभ है लेकिन आज परिस्थितियां है कि मीडियाकर्मी हमेशा से असुरक्षा महसूस करती है । इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि केंद्र हो या राज्य सरकार पत्रकारिता और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बातें तो बड़ी-बड़ी करती है लेकिन इसे अमल में लाया नहीं जाता है इसके बावजूद इस क्षेत्र से जुड़े लोग अपनी पूरी कर्मठता के साथ मैदान में डटे हुए हैं । उन्होंने कहा कि आजादी के बाद प्रेस और कोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है । वर्ष 2001 से 2021 तक देश में 95 हजार से अधिक नए पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण हो चुकी है । 1लाख 44000 से अधिक पत्र-पत्रिकाओं निकल रही है । उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस भी राष्ट्र का एक अंग है । पत्रकारों को सर्वदा सकारात्मक खबर लिखनी चाहिए । फ्रीडम ऑफ प्रेस फ्रीडम ऑफ स्पीच का हिस्सा है । उन्होंने कहा कि आत्महत्या संवैधानिक रूप से अपराध नहीं है जज को दूध और पानी को अलग अलग कर देना चाहिए । इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।