रांची/बुढ़मू : मंगलवार को दिन के करीब एक बजे रांची जिले के बुढ़मू थाना क्षेत्र के बंद पड़े भूमिगत खदान छापर में तेज आवाज के साथ भू धंसान होने से बड़ा हादसा टल गया।भू धंसान से जमीन में बड़ी दरारें पड़ गयी।घटना खदान के 11 नंबर मुहाने में उस समय घटी जब कुछ लोग खदान के बंद मुहाने को खोलकर कोयला खुदाई करने घुसे थे। खदान धंसने से कोयला निकालने गये सुमित मुंडा, राकेश राम, मुकेश राम, सूरज सिंह, सागर मुंडा सहित अन्य कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है । जानकारी के अनुसार मंगलवार को 11 नंबर खदान में दिन के करीब एक बजे जोरदार आवाज के साथ जमीन धंस गया और खदान के अंदर से कोयला निकाल रहे लगभग 17 ग्रामीण हवा के दबाव में उड़ कर खदान के मुहाना की ओर आ गये, जिससे बड़ा हादसा टल गया, वहीं कुछ लोग घायल हुए।स्थानीय लोगों के सहयोग से आनन फानन में घायल लोगों को ईलाज के लिए ले जाया गया । सूचना मिलने के बाद बुढ़मू थानेदार रामजी कुमार मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू किया। ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में बंद खदान से कोयला निकाला जाता है। लोगों के द्वारा बताया गया कि जब भी भूमिगत खदानों के मुहानों को बंद कराया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कुछ ही दिनों में इसे फिर खोल दिया जाता है और अवैध निकासी शुरू हो जाती है।नियमतः भूमिगत खदान को बंद होने के बाद इसे बालू या मिट्टी से भरने का प्रावधान है, परंतु सीसीएल सिर्फ मुहानों को बंद कर पल्ला झाड़ लेता है। मामले पर पूछे जाने पर स्थानीय मुखिया ने आरोप को गलत बताया और कहा की उन्होंने कई बार सीसीएल को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दिया है। जिस जगह पर भू धंसान हुआ है, वहां से पांच सौ मीटर के दायरे में पिछले वर्ष भी भू धंसान हुआ था। छापर कोयलयरी का बंद पड़ा भूमिगत खदान अंदर से कई किमी खोखला है, जो लगातार हादसे को निमंत्रण दे रहा है।