उत्तरप्रदेश राज्य के वाराणसी जिला के प्रखंड बारागांव के करमपुर से वेदवती मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहती है कि उन्हें नीलिमा की कहानी सुनकर काफी शिक्षा मिली है। वह किशोरियों को बताती है कि कम उम्र में शादी नहीं करनी चाहिए क्यूंकि कम उम्र में किशोरियों का खुद विकास नहीं होता है जिस कारण आगे भविष्य में जो उसकी संतान उत्पन्न होती है वह भी कमजोर होती है। बच्चे कुपोषित का शिकार होते है इसलिए हमें इस बायत का ध्यान रखना चाहिए की कम उम्र में शादी ना करे

उत्तरप्रदेश राज्य के बरेली जिला से नसीम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि नीलिमा की कहानी सुनकर उन्हें बहुत सीख मिली है। वह कहती है कि कहानी सुनकर जाना कि पीरियड्स के समय साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखना चाहिए तथा पैड को बार बार बदलना चाहिए। इन्हें बहुत सारी भ्रांतियों के बारे में पता चला जैसे कि पीरियड्स के समय मंदिर नहीं जाना चाहिए,पूजा नहीं करना चाहिए इत्यादि। इनका कहना है कि सभी को समय के साथ बदलना चाहिए तथा पुरानी सोच को हटाना चाहिए।वह कहानी सुनकर जो सीखी है उसे अपनी बाकि सहेलियों के साथ भी बांटेगी।

उत्तरप्रदेश राज्य के महोबा जिला से कल्पना मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वह मीना और संजीव की कहानी सुनी। उसमे बताया गया है कि कोरोना वायरस के समय पति अपनी पत्नी के कामों में कितनी मदद करते है ताकि उनकी पत्नी को भी कामो से थोड़ी फुर्सत मिल सके। वही वह कहती है कि जब उसने नीलिमा की कहानी सुनी तो उसने इसके बारे में अपने पापा,मम्मी और भैया को सुनाई। उस कहानी को सुनने के बाद उनके घर में भी थोड़ा बदलाव आया है। अब उनके पापा तथा भैया भी घर के कामों में मदद करते है ताकि थोड़ी जल्दी काम खत्म हो जाए। इसलिए उनका कहना है कि नीलिमा की कहानी सुनकर इन्हें बहुत अच्छा लगा क्योकि इनके घर में कार्यक्रम सुनकर कुछ तो बदलाव आए हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला महोबा से ऋतू मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि पहले उनके माता पिता कहीं भी जाने से रोका करते थे। लेकिन जब वह नीलिमा की कहानी सुनी और अपने माता पिता को सुनाया तो उनके माता पिता अब कहीं भी जाने से नहीं रोकते है

उत्तरप्रदेश राज्य के महोबा जिला से अंजलि मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि जिस प्रकार से लड़कियों और महिलाओं के साथ भेद भाव किया जाता है। लेकिन नीलिमा की कहानी से हिम्मत मिलती है। अब आजकल महिलाएँ और लड़कियाँ जिस प्रकार से पढ़ लिखकर आगे बढ़ रही है, वह बहुत ही अच्छा है। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता पढ़ने लिखने की आजादी नहीं देते थे। लेकिन जब उन्होंने नीलिमा की कहानी अपने माता पिता को सुनाया तो उनके माता पिता अब अपनी बेटी को पढ़ने के लिए भेजते है

उत्तरप्रदेश राज्य के महोबा जिला से कल्पना मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि नीलिमा की कहानी सुनकर उन्हें बहुत ही प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन होने के कारण उनकी सहेली की कम उम्र में उनके माता पिता करवा रहे थे। उन्होंने अपनी सहेली के माता पिता को नीलिमा की कहानी सुनाई और कुछ जानकारियाँ भी दी। जिससे उसकी सहेली के माता पिता मान गए

उत्तरप्रदेश राज्य के महोबा जिला से संगीता कुमारी मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि नीलिमा की कहानी बहुत अच्छा लगता है। वह कहती हैं कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वह और अपने परिवार को आगे बढ़ने का हौसला देती है

उत्तरप्रदेश राज्य के ग्राम मिरतला से मीरा मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि नीलिमा की कहानी सुनने के बाद हिम्मत आई। उन्होंने कहा कि पहले वह घर से निकलने में डरती थी। क्योंकि उनके पति हमेशा मारपीट करते थे। साथ ही समाज के लोगों ने भी गलत इल्जाम लगाया गया था। वह यह कहती हैं कि नीलिमा की कहानी सुनने के बाद अब उन्हें हिम्मत आई और अपने परिवार के खिलाफ हो चुकी है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला महोबा के कुम्हड़ा से सोमवती मोबाइल वाणी के माध्यम से खबर के असर को बताते हुए कहती है कि वे मेरी पंचायत मेरी शक्ति से जुडी हुई है और नीलिमा की कहानी सुन कर उनमे बदलाव आया है उनका आत्मविश्वास बढ़ा है पहले वे कोई भी काम करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों जैसे भाई ,पिताजी पर निर्भर रहती थी पर अब वे स्वयं अपना काम करने लगी है और निडर होकर बाहर जाने लगी है। इन्हे नीलिमा की कहानी सुनने में बाहत अच्छा लगता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के महोबा जिला से सिल्का दीदी मोबाइल वाणी के माध्यम से खबर का असर को बताते हुए कहती है कि नीलिमा की कहानी सुन कर उनमे बदलाव आया है। उनके पति उन पर शक करते थे उन्हें कही बाहर आने-जाने नहीं देते थे। जब उन्होंने मोबाइल वाणी पर नीलिमा की कहानी सुनी तो उन्होंने तय किया कि मै तो बाहर जाउंगी बैठक में शामिल होऊंगी ,बहुत सोच विचार कर उन्होंने हिम्मत जुटाई और अब वे अपने क्षेत्र में होने वाले बैठकों में शामिल होती है और घर से बाहर आना-जाना शुरू कर दी है।