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बिहार राज्य के जमरा गाँव से सुखलाल दास ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बुधनी देवी से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पास ना ही घर की सुविधा है और ना ही खाने पीने की सुविधा है
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सभी ग्राहकों को सही मात्रा में राशन मिल सके इसके लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा 2015 के उप-नियम (2) के नियम 7 में संशोधन किया है. राशन तौलते समय दुकानों में पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहकों को नुकसान न हो इस उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
भारत में भी मार्च 2020 में इस महामारी ने अपना असर दिखाना शुरू किया और देखते ही देखते ही पूरा देश इसकी चपेट में आ गया. खासकर भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ा, तब केवल कृषि ही ऐसा क्षेत्र था, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को संभाला. एक ओर जहां हर साल सरकार खाद्यान्न का रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन का जश्न मान रही है. वहीं, दूसरी ओर किसानों की संख्या कम हो रही है और कृषि श्रमिकों की संख्या बढ़ रही है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अपने सदस्य देशों से कोविड-19 को दोबारा जोर पकड़ने से रोकने के लिए जन स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने, सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से कार्यान्वयन और टीकाकरण तेज करने की अपील की. संगठन ने एक बयान जारी कर यह अपील की। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
कोवैक्सीन में नवजात बछड़े का सीरम प्रयोग किये जाने संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हो रहा है. इस मिथक में कोई सच्चाई नहीं है. फाइनल वैक्सीन बनाने में नवजात बछड़े का सीरम प्रयोग नहीं किया जाता है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोवैक्सीन में नवजात बछड़े के सीरम के प्रयोग को खारिज किया है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
बिहार राज्य के जमुई जिला के चकाई प्रखंड से विकास कुमार ने चिराग मोबाइल वाणी को बताया कि उन्होंने बीते 4 जनवरी को सीएससी आईडी के लिए आवेदन किया है ,लेकिन अब तक बन कर नहीं आया है
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि कोरोना वायरस से जान गंवा चुके लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देना संभव नहीं है, क्योंकि इससे आपदा राहत कोष समाप्त हो जाएगा. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि यह मुआवजा प्रदान नहीं किया जा सकता, क्योंकि आपदा प्रबंधन कानून में केवल भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में ही मुआवजे का प्रावधान है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
