बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शंभुशरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम आपका पैसा आपकी ताकत को सुना जो कि उन्हें बहुत अच्छा लगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बचत की आदत सभी व्यक्ति को अपने अंदर डालनी चाहिए जिससे की उनका भविष्य अच्छा रहें

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शंभुशरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम क्योकि ज़िन्दगी ज़रूरी है के तहत सुना कि पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से त्वचा रोग हो सकता है, जो की इन्हे बहुत अच्छा लगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मोबाइल वाणी के माध्यम से अनेक प्रकार की जानकारियां मिलती है

बिहार राज्य के नालंदा जिला से शंभुशरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर महिलाओं के जमीनी अधिकार से जुड़ा कार्यक्रम सुना, और यह कार्यक्रम उन्हें बहुत अच्छा लगा। ऐसे जमीनी मुद्दे उठाने के लिए वे मोबाइल वाणी को धन्यवाद देते हैं

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बच्चों को बचपन से सीखना अच्छा लगता है ।शानू और छोटू की कहानी सीख देनी वाली कहानी है। अगर माता पिता बच्चों को बचपन से ही जीवन जीना सिखाएंगे ,संघर्षपूर्ण जीवन में आगे बढ़ने की सीख देंगे ,उसकी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करेंगे तो आगे चल कर बच्चे अच्छे से बढ़ेंगे है।बच्चे धीरे धीरे जिम्मेदार बनेंगे। यह कहानी से बच्चों और माता पिता दोनों को सीख लेनी चाहिए क्योंकि बच्चों को बचनपन से ही सीखना अच्छा लगता है। इस कहानी के द्वारा माता पिता को अच्छी सीख मिलती है।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को भूमि का अधिकार देने का कानून तो बहुत पहले ही बन गया था पर यह धरातल पर नहीं उतरा था जिस कारण अभी महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को दिक्कत हो रही है। क्योंकि अगर उन्हें पैतृक संपत्ति का अधिकार मिल जाता तो वो सशक्त हो कर पारिवारिक गतिविधियों को संभाल लेती। अगर उन्हें जमीनी अधिकार मिलता तो उन्हें मायके और ससुराल में दिक्कत नहीं होता। आजकल समाज में महिला जलाई जा रही है क्योंकि उनके पास कुछ नहीं रहता है। पिता निश्चिंत रहते है कि उन्होंने दहेज़ देकर शादी लड़की का करा दिए ,अब सब ठीक है। परन्तु देश में अधिकतर अपराध दहेज़ के कारण ही हो रहा है। अगर महिला को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलने लगता तो यह अपराध भी कम होने लगता।

बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू प्रसाद ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जब भी बच्चों का रोना होता है , हाथ और पैर के इशारों से वो अपने माता पिता को संकेत देता है की उसे क्या दिक्कत हो रही है। जैसे अगर बच्चे के पेट में दर्द है ,तो पैर पेट के पास पहुँचा कर रोते है ,ऐसे में अगर माता पिता उनका संकेत समझ जाते है तो बच्चों की समस्या को समझने और अच्छी परवरिश देने में काम आता है। जब बच्चे बड़े हो जाते है तो उन्हें सीखना ज़रूरी है। झूठ में सहयोग नहीं करेंगे तो वो आगे भी झूठ नहीं ही बोलेंगे। वही मोबाइल के इस्तेमाल में भी नियंत्रण करना ज़रूरी है

उत्तरप्रदेश राज्य के हरदोई जिला से मुकेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मेरी आवाज़ मेरी पहचान पर चल रहे कार्यक्रम क्वेश्चन मार्क के तहत जो भूगोल के विषय में जानकारी दी गयी वह बहुत अच्छा लगा

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू शरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर महिलाओं के संपत्ति पर अधिकार से जुड़ा कार्यक्रम सुना जो की उन्हें बहुत अच्छा लगा। अगर इसी तरह से मोबाइल वाणी पर कार्यक्रम चलते रहेंगे तो समाज में महिलाओं के अधिकार के प्रति जो भ्रांतियां है वो मिट जाएगी। लोग बेटी को संपत्ति पर अधिकार नहीं देना चाहते हैं लेकिन कानून के द्वारा उन्हें यह अधिकार बहुत पहले ही दिया जा चूका है। महिला को संपत्ति का अधिकार मिलेगा तो भाई और बहन में समानता हो जाएगी

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू शरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलने से उनके आत्मविश्वास के साथ साथ उनके जीवन शैली में भी काफी सुधार आएगा। कानूनी तौर पर तो महिलाओं को संपत्ति पर अधिकार बहुत पहले से मिला हुआ है, लेकिन भाई और पिता के तरफ से इन अधिकार से महिलाएं अब तक वंचित हैं। साथ ही वे कहते हैं कि बेटियों को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए जितना की बेटे को दिया जाता है। अगर पिता पहले से ही संपत्ति पर अपना अधिकार दे देता है, तो ऐसी स्थिति में लड़कों की तुलना में अधिक लड़कियां पिता का सम्मान करेंगी।

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शम्भू शरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को संपत्ति में उनका हक़ मिलना चाहिए। मालिकाना हक़ मिलने से महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। साथ ही उन्हें अधिकार मिलने से जीवनशैली में आगे बढ़ने में बहुत सहायता मिलेगा। आजकल पुरुष और स्त्री में कोई अंतर नहीं है, दोनों एक ही गाड़ी के दो पहिये है। महिलाओं को कानूनी हक़ तो मिला है लेकिन जमीन पर वे अधिकार महिलाओं को नहीं मिल रहे है। अधिकार बहुत हद तक लगाम से जुड़ा हुआ है लेकिन उन्हें आज तक जमीन सही नहीं मिली क्योंकि पुरुष वर्ग आज तक समझता है या उनके पिता या भाई समझते हैं कि अगर हमारे दो बेटे हैं, तो केवल दो बेटों के पास संपत्ति का हिस्सा है। अगर बेटी है तो उसे संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। संपत्ति के अधिकार के बारे में एक कहावत है कि जब तक आपके पास पैसा है तब तक आपको सभी पूछेंगे, लेकिन जब आपके पास पैसा नहीं होगा तो आपको कोई पूछने वाला भी नहीं रहेगा। इसी प्रकार संपत्ति के साथ भी है। महिला के पास अगर संपत्ति रहेगा तो माइका में महिला को लोग पूछेंगे, अगर उनके पास कुछ नहीं रहेंगे तो महिलाओं को कोई पसुह्ह्ने वाला भी नहीं रहेगा