उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ीपुर जिला से उपेंद्र कुमार की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से नारायण से हुई। नारायण यह बताना चाहते हैं कि किशोरावस्था की उम्र बारह से अठारह साल तक होती है।किशोरावस्था में मानसिक और शारीरिक बदलाव आते हैं।व्यक्ति जब बाल्य अवस्था से किशोरावस्था में आता है तो वह अपने परिवार को आगे बढ़ाने के बारे में सोचता है।बच्चे आज कल मोबाइल का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।माता पिता देखते हैं की अगर उनके बच्चे पढ़ना चाहते हैं तो किसी भी परिस्थिति वह अपने बच्चों को पढ़ाते हैं।अगर बच्चा गलत सांगत में पड़ गया है तो माता पिता को अपने प्रॉपर्टी या पैसा नहीं देना चाहिए क्योंकि वह उस पैसा का गलत इस्तेमाल कर सकता है।बच्चों के शादी होने तक माता पिता को अपने बच्चों पर दृष्टि बनाए रखना चाहिए।
किसानों पशुओं को पकड़ने के लिए किया अपील
निशुल्क प्रशिक्षण लेकर माटी कला के कारगिल कर रोजगार
शिक्षक सिखाएंगे पेड़ लगाना पानी बचाने और कचरा प्रबंधन
प्राथमिक दूसरे में मर्ज करना व्यावहारिक नहीं है
11 सूत्र मांगों को लेकर कर्मचारियों ने आवाज की बुलंद
आज के समय में लोगो आख़िरकार इतने ज़्यादा अकेलेपन का शिकार क्यों हो जाते है ? वे कौन से वजह होते हैं कि लोग साथ साथ होते हुए भी अपनी मन की बात एक दूसरे तक नहीं पहुचा पते है ? अपने परिवार और अपनों को इस अकेलेपन से दूर रखने के लिए आप अपने स्तर पर क्या करना चाहेंगे ?
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू जानकारी दे रहें हैं धान के बिचड़ा को कैसे तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि सारा बिचड़ा एक ही दिन में तैयार नहीं करना चाहिए, बिचड़ा को तैयार करने के लिए क्रमबद्ध तरीक़ा के साथ साथ मौसम का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए .
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
