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विरनो- प्रधानमंत्री जी ने तीनों किसान बिल को लिया वापस। उन्होंने देश वासियों से क्षमा मांगते हुए. सच्चे मन से कहा कि हमारे प्रयास में कहीं कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाये। आज गुरुनानक जी का पवित्र पर्व व कार्तिक पूर्णिमा है। उन्होंने कहा मैं आपको यह बताना चाहता हूं. की हमने तीन कृषि कानून को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरा किसानों से अपील है कि आप अपने घर और खेतों में लौटें।

विरनो- किसान आंदोलन के समर्थन में 27 सितंबर को दुग्ध. पनीर एवं खोवा समिति के बैनर तले जिले के दूध.पनीर व खोवा बेचने वाले कारोबारी हड़ताल पर रहेंगे। यह जानकारी समिति के जिलाध्यक्ष मंगल यादव ने दी है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन को सफल बनाने के लिए पुरजोर समर्थन में यह हड़ताल किया जा रहा है। उन्होंने दूध. पनीर व खोवा बिक्रेताओं को हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने सचेत किया है कि हड़ताल के दिन समिति के पदाधिकारी लगातार चक्रमण करते रहेंगे। जो भी दूध बिक्रेता खोवा या पनीर बेचते हुए नजर आएंगे तो उन्हें रोककर हड़ताल को सफल बनाने की अपील करेंगे।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का  किसान यूनियन जिला अध्यक्ष अनुज सिंह के नेतृत्‍व में कासिमाबाद विकाश खंड क्षेत्र के बहराइच आवास पर नेताओं ने जमकर स्‍वागत किया। राकेश टिकैत अपने टीम के साथ बलिया जनसभा करने जा रहे थे।  बहराइच गांव में किसानों एवम् समाज सेवियों ने उनका जमकर स्‍वागत किया। पत्रकारों को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होने कहा कि तीन बिलों के खिलाफ पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहा है अब यह आंदोलन देश की जनता का लड़ाई बन गया है। उन्‍होने कहा कि इस बिल से किसानों का नुकसान और व्‍यापारियों का कृषि क्षेत्र पर कब्‍जा हो जायेगा। हम आंदोलन के क्रम में पूर्वांचल का दौरा कर रहे हैं। पूर्वांचल क्रांतिकारियों का क्षेत्र है। उन्‍होने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तब हमारे साथ थी और जब सत्‍ता में आ गयी तो किसानों की दुश्‍मन हो गयी है। देश में जब तक किसान संग ठित नहीं होंगे तब तक  किसानों का भला नहीं होगा। इसलिए किसानों एक होकर लड़ना होगा। जल्‍द ही पूरे देश में किसान आंदोलन होगा। अभी सरकार बात नही करना चाहती है अगर बात करेगी तो हम बात करने को तैयार हैं। किसान आंदोलन के रीढ़ युवा है। प्रयागराज के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि  फसलों का उचित मूल्‍य नही मिल रहा है। फसलों के उचित मूल्‍य न मिलने के कारण देश में गरीबी बढ़ रही है। किसान के तीनों विधेयक एक-दूसरे से जुड़े हुए है यह एक सोची-समझी साजिश है।  किसानों का आंदोलन अभी लंबा चलेगा।  अब  युवाओं को किसानों के आंदोलन में आगे आना होगा । जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा। राजनीतिक पार्टियों को राजनीति करने दो हम तो आंदोलन करेंगे।इस अवसर पर अनुज सिंह,विक्की सिंह,लल्लन यादव , हीरा गुप्ता ,अभिजीत सिंह सैकड़ों लोग उपस्थित

उत्तर प्रदेश राज्य के गाजीपुर जनपद जखनियां तहसील क्षेत्र के भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बैठक आयोजित की। ऑडियो क्लिक कर पूरी जानकारी सुने...

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नमस्कार मै राजेश मध्यप्रदेश से बात कर रहा हूँ मै ग़ाज़ीपुर मोबाइल वाणी में पहली बार उपस्थित हो रहा हूँ और आप सभी की प्रस्तुति की बात की जाये तो बहुत अच्छी हो रही है और नए नए सरकारी योजनाओं के बारे जानकारी देते है और किसान आंदोलन के बारे जानकारी आती है तो बहुत अच्छी लगती है और लोगों की प्रस्तुति के बारे बात की जाए तो संदीप यादव जी की प्रस्तुति अच्छी लगती है और विष्णु पटेल जी की प्रस्तुति बहुत अच्छी आ रही है और इसी के साथ और नए अपडेट के साथ नए जानकारी के साथ फिर मिलूंगा दोस्तों आप सभी के साथ धन्यवाद।

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श्रोताओं मोबाइल वाणी रिपोर्टर नौमान इटावा से। कृषि कानूनों के विरोध के बिच बॉर्डर पर बंद रहेंगी इंटरनेट सेवा जी हाँ आपको बता दे की कृषि कानूनों पर चल रहे विरोध के बिच ग़ाज़ीपुर बॉर्डर टिकरी बॉर्डर और सिंधु बॉर्डर पर आज रत 11 बजे यानी मंगलवार रत 11 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रहेंगी