कासिमाबाद : तहसील बार एसोसिएशन कासिमाबाद के अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को एडवोकेट रामनरेश राजभर के नाबालिक भतीजे को सरस्वती पूजन समारोह जुलूस मूर्ति विसर्जन में तथाकथित घटना में गलत तरीके से मुलजिम बनाए जाने जो कथित घटना में सम्मिलित नहीं था ।जिस पर पुलिस के द्वारा विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मामले को कड़ी निंदा करते हुए 4 मार्च से 7 मार्च तक न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की । रामनेश राजभर एडवोकेट के प्रार्थना पत्र पर अध्यक्ष संजय तिवारी की अध्यक्षता में सभी अधिवक्ता की बैठक आहुति की गई। जिसमें रामनरेस राजभर एडवोकेट के भतीजे विवेक पुत्र बृजेश जो की नाबालिक उम्र 13 वर्ष को मां सरस्वती पूजन समारोह जुलूस में 17 फरवरी को मूर्ति विसर्जन में तथाकथित घटना हुई जिसमें गलत तरीके से विवेक पुत्र बृजेश को मुल्जिम बनाया गया है जो कथित घटना में सम्मिलित नहीं था। जिस पर पुलिस कासिमाबाद द्वारा संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जिसकी कड़ी निंदा की गई ।सभी अधिवक्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद द्वारा कथित तौर पर बनाए गए अभियुक्त विवेक पुत्र बृजेश निवासी दुदौड़ा का नाम उक्त एफआईआर से नाम निकल जाए ।बैठक में समस्त अधिवक्ताओं ने सर्वेसहमति से निर्णय लिया कि 4 मार्च से 7 मार्च तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। कोतवाली पुलिस और क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद उक्त हमारी मांग पर सहमति न बनने पर तहसील बार द्वारा अल्टीमेटम देते हुए धरने पर बैठने का निर्णय लिया जाएगा।इस बैठक में अध्यक्ष संजय तिवारी,संतोष कुमार ,दानिश सिद्दीकी, राकेश उपाध्याय, चंद्रजीत राजभर, दामोदर यादव ,नागेंद्र गौतम ,अनुज पाण्डे,चंद्रशेखर ,अफजाल सहित सभी अधिवक्ता शामिल रहे