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बिहार राज्य के मधुबनी जिला से मोबाइल वाणी रिपोर्टर तेज नारायण ब्रम्हार्षि जी ने राजनगर प्रखंड स्थित कसियोना मध्यविद्यालय के शिक्षिका अनु कुमारी जी से महिला हिंसा के मुद्दे पर बातचीत की है। इस बातचीत के दौरान शिक्षिका अनु कुमारी ने बताया कि आज महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं लेकिन समाज में उन्हें हर कदम पर तरह-तरह के कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो महिलाएँ अपने घर परिवार और समाज के बारे में सोचकर अपने साथ हो रहे हिंसा को चुपचाप सहन कर लेती हैं। वे कहती हैं कि स्थानीय स्तर पर बालिकाएँ शिक्षा प्राप्त कर जब बाहर निकलती हैं ,तो उन्हें सफ़र के दौरान बसों एवं ट्रेनों में कई तरह की दिक्क़ते झेलनी पड़ती है। ऐसे में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा को रोकने के लिए जरुरी है कि सरकार महिलाओं को हर तरह से सुरक्षा दे एवं महिलाओं को आत्म रक्षा की ट्रेनिंग दे ताकि महिलाएं हर जगह पर अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।
जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि आज समाज में हो रही महिलाओं के साथ हिंसा का मुख्य वजह है लोगों में संस्कार की कमी का होना।माता पिता अपने बच्चों को सही संस्कार नहीं देते हैं और वही बच्चे बड़े होकर महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करते हैं। साथ ही एक बड़ा कारण है नशा, हालांकि शराब बंदी के बाद इसमें थोड़ी कमी आई है लेकिन आज भी लोग ताड़ी , सिगरेट ,गांजा ,भांग आदि जैसे नशा का सेवन करते हैं। वे कहते हैं कि महिलाओं के साथ किसी तरह से हिंसा न हो इसके लिए कई व्यवस्था की गई है ,लेकिन महिलाओं को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।यही वजह है कि महिलाएं विभिन्न तरह के प्रताड़ना को चुपचाप शहन करती है।
जिला जमुई से मोबाइल वाणी रिपोर्टर रजनी कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से जिला परिवहन पदाधिकारी दीपक अग्रवाल जी से महिला हिंसा पर साक्षात्कार लिया।इस साक्षात्कार में जिला परिवहन पदाधिकारी दीपक अग्रवाल जी का कहना है कि महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के कई कारण है,जिसमे प्रमुख है अशिक्षा।वहीं दूसरा कारण असमानता है,क्योंकि कहीं-कहीं महिलाओं के साथ समानता का व्यवहार नहीं होता है,और यही वजह है कि महिलाओ के साथ भेद-भाव किया जाता है।इस हिंसा का तीसरा कारण है समायोजक की कमी।हमें अपने परिवार में समायोजक को बढ़ावा देना चाहिए।क्योंकि जब तक ऐसे विचारो पर बढ़ावा नहीं दिया जायेगा,तब तक परिवार को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।जब परिवार आगे बढ़ेगा तभी देश,राष्ट्र और समाज में जगह बन पाएंगा साथ ही मानसिक और शारीरिक हिंसा में कमी आएगी।इस हिंसा को रोकने के लिए समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना होगा तथा समाज की मानसिकता में बदलाव लाने की जरुरत होगी।वहीं इस सन्दर्भ में स्थानीय प्रसाशन की भूमिका कुछ वर्षो से महत्वपूर्ण हो गई है,क्योंकि देखा जाये तो सरकार के द्वारा महिलाओ के लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक बहुत सारी योजनाएं बनायीं गई है और जिससे लोगो में जागरूकता भी आई है।सरकार इसको लेकर पूरी तरह से सचेत भी है कि वह महिलाओं के सुरक्षा के लिए उत्तरदायी हो और उनकी मदद करे।वहीं पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का जनसँख्या अनुपात काफी नीचे गिरने के कारण सरकार को इस ओर ध्यान आकृस्ट करना पड़ा।और आज विभिन्न योजनाओं,जिला प्रसाशन और पुलिस प्रसाशन के माध्यम से ऐसी प्रवृतियों पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है और सरकार के इस प्रयास में प्रसाशन और स्थानीय प्रसाशन भी काफी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे है।
उतर प्रदेश से एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला हिंसा के सम्बन्ध में कहते हैं कि हमारे समाज में महिलाओं के साथ हो रही हिंसा का मुख्य वजह है अशिक्षा। लोग अपनी बेटियों की शादी कम उम्र में करा देते हैं जिससे उन्हें ससुराल में भी प्रताड़ना सहनी पड़ती है। साथ ही दहेज़ प्रथा एक बड़ा कारण है महिला हिंसा बढ़ने के पीछे। वे कहते हैं महिला हिंसा तभी कम होगा जब लोग अपनी बेटियों की शादी उम्र में न करे। वे लोगों से अपील करते हुए कहते हैं कि बच्चियों को पढ़ाये उसके बाद ही उनकी शादी करें। इसके साथ ही ये भी जरुरी हैं कि समाज में व्याप्त अशिक्षा को दूर किया जाये और लोगों में जागरूकता फैलाई जाये। साथी ही वे प्रशासन से कहते हैं कि जब महिला हिंसा से जुड़ी कोई शिकायत आती है थाने में ,तो पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित करवाई की जानी चहिये।
जिला जमुई ,प्रखंड सिकंदरा से मोबाइल वाणी रिपोर्टर अमित कुमार सबिता जी ने सिकंदरा थाना के अवर निरीक्षक राजेश कुमार ठाकुर से महिला उत्पीड़न के मुद्दे पर बातचीत की।इस बातचीत के दौरान श्री राजेश ठाकुर जी ने मोबाइल वाणी को बताया कि वर्तमान समय में महिला उत्पीड़न और घरेलु हिंसा का मुख्य कारण हैं लोगों में शिक्षा का आभाव और गरीबी है। साथ ही एक और कारण है हमारे समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज से महिला उत्पीड़न को कम करने के लिए सबसे पहले तो यहां की महिलाओं को शिक्षित करना होगा। और गरीबी उन्मूलन की दिशा में पहल करनी होगी। साथ ही समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा के लिए जो कानून बने हैं उसके प्रति लोगों में जागरूकता लानी होगी।हालांकि सरकार ने इसके लिए कई कार्यक्रम चलाई है बावजूद इसके लोगों में जागरूकता की कमी है।घरेलु हिंसा से जुड़ी शिकायतों के निपटान करने के सम्बन्ध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न, घरेलु हिंसा एवं दहेज़ प्रथा आदि जैसे मुद्दों पर पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है।
बिहार राज्य के जमुई जिले अंतर्गत सिमुलतला से मोबाइल वाणी रिपोर्टर वीरेंदर कुमार जी ने पूर्व पार्षद सह व्यापार संघ के अध्यक्ष श्रीकांत सिंह यादव जी से घरेलु हिंसा के सम्बन्ध में बातचीत की।इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलु हिंसा का मुख्य वजह है शिक्षा का आभाव और आर्थिक तंगी। उन्होंने कहा कि जिन घरों में आर्थिक समृद्धि होती हैं उन घरों में आपसी विवाद और झगड़ा नहीं होता है। लेकिन वहीं जिन घरों में आर्थिक तंगी होती है, जो पुरुष निकम्मे होते हैं , जिन घरों में महिला और पुरुष पढ़े-लिखे नही होते हैं उन घरों में छोटी -छोटी बातों में लोग उलझते हैं। घरेलु हिंसा जैसी गंभीर समस्या में कमी लाने की दिशा में उन्होंने कहा कि यह जरुरी हैं कि लोगों में जागरूकता हो , लोग शिक्षित हों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मुहैया कराइ जाये। महिलाओं के साथ हो रही घरेलु हिंसा के बारे में प्रशासन की भूमिका के सम्बन्ध में कहते हैं कि कानून सर्वपरि हैं और सबके लिए बराबर है, तो ऐसे में चाहिए कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष होकर अपना काम करे तो अवश्य ही इस तरह की समस्या से निजात मिलेगी।
चक्रवर्ती अवस्थी,उत्तर प्रदेश के जिला कानपूर विहार से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि दहेज़ लेना और देना क़ानूनी अपराध है लेकिन समाज के लोग इस लेन-देन पर बहुत जोर देते।दहेज़ को इतना महत्व दिया जाता है कि लोग दहेज़ के कारण शादी से इंकार कर देते है।ऐसी स्थिति समाज में कमी के कारण संभव है जबकि बेटी भी बेटा से कम नहीं होती है इसलिए बेटा-बेटी दोनों को शिक्षित करना चाहिए।अतः इनका कहना है कि समाज में न किसी से दहेज़ लिया जाये और न ही दहेज़ दिया जाये बल्कि इस प्रथा को खत्म कर दिया जाना चाहिए।
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बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से अमित कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य मोहमद जावेद इकबाल जी से घरेलू उत्पीड़न के सम्बन्ध में बातचीत की।इस दौरान मोहमद जावेद इकबाल जी ने बताया कि महिला हिंसा का सबसे बड़ा कारण है परिवार और समाज में साक्षरता की कमी,जिस कारण महिलाओं के साथ हिंसा किया जाता है।उन्होंने यह भी बताया कि समाज में जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाना चाहिए,महिलाओं का एक समूह बना कर उन्हें घर-घर में चिन्हित किया जाना चाहिए,जो पीड़ित महिला है उसका साथ देना चाहिए साथ ही समाज और आस-पड़ोस के लोगों को महिलाओं के साथ हो रही हिंसा को रोकने में सहयोग करना चाहिए।वहीं स्थानीय प्रसाशन का कोई सहयोग नहीं मिलने के कारण महिलाएँ अपनी बात को आगे नहीं उठा पाती हैं।इसके पीछे का भी मुख्य कारण शिक्षा की कमी है।
