बोकारो:जी.एम.रंगीला का कहना है कि झारखण्ड आंदोलन में सैकड़ोँ लोगोँ ने अपनी जान दी है इसमें शहीद सुजन महतो का 22 वां शहादत दिवस समारोह 21 मार्च से 27 मार्च तक सप्ताहवयापिक कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया है। उक्त जानकारी देते हुए शहीद मेला-स्मारक समिति के अध्यक्ष गज लाल महतो तथा सचिव नारायण महतो ने बिहार मोबाइल वाणी को बताया कि 21 मार्च को शहीद बेदी पर माल्यार्पण तथा आनेवाले अतिथिओं का सम्बोधन होगा,22 मार्च को उपमर्प्रमुख कि टीम नागपुरी गीत पेश करेंगी वही 23 को झूमर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है,24 को हेमंत दुबे जागरण प्रस्तुत कर धर्म कि गंगा बहायेंगे 25 को कैलाश खोरठा लोक गीतोँ कि छठा भिखेरेंगे 26 को दर्शकोँ परम्पागत छौ नृत्य देखने का अवसर मिलेगा और 27 को रंगा रंग कार्यक्रम पेश किया जाएगा

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बोकारो,चंदंक्यारी:पतंजलि योग पीठ से प्रशिक्षित योग शिक्षको द्वारा एक निःशुल्क योग शिविर का आयोजन किया गया जिसमे यह बताया व सिखाया गया कि योग स्वस्थ रहने के लिए कितनी जरुरी है उन्होंने बताया की योग से शरीर की बिमारिओ को नियंत्रित रखा जा सकता है। इसमें प्रजापति जी ने हाथ,पैर,पेट,मस्तिस्क को योग से स्वस्थ रखा जा सकता है साथ ही शरीरके अलग अलग अंगो को स्व्सस्थ रखने के तरीके बताये गए।

दुमका के काठीकुंड प्रखंड से अविनिश कुमार बिहार मोबाइल वाणी के लिए समाज में नारी की भागदारी नमक एक कविता प्रस्तुत कर रहे है।

आल इंडिया अन्गंवाड्डी कर्मचारी यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिनका नाम चिंतामणि मंडल बता रहे है की झारखण्ड की अन्गंवाड्डी सेविकाए, आयुक्त को एक मेमोरेंडम दिया जिसमे हजारो की संख्या में अन्गंवाड्डी सेविकाए उपस्थित हुई और उनकी मांग है की सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्ज़ा सरकार दे। दूसरा उनकी मांग है की सरकार उन्हें शिशिका का पद दे क्यूँकी सरकार अन्गंवाड्डी को नर्सरी स्कूल का दर्जा दिया है। तो सरकार उन्हें शिशिका का पद प्रदान करे और एक शिशिका को जिस तरह का वेतन भत्ता मिलता है वैसा सरकार उन्हें भी दे।तीसरा उनकी मांग है की जिस तरह अन्य राज्यो में सेविकाओं को 15000 रूपए का मनोदय,3 लाख रूपए की ग्रेचुटी मिलई है,2000 रूपए पेंशन साल में 200 रूपए का इन्क्रीमेंट और छुट्टी भी मिलता है। इनकी मांग है सरकार इनकी उपर्युक्त मांगो को अतिशीघ्र पूरी करे। इनकी मांग है की ICDS को ठेकेदार प्रथा से दूर रखा जाए कुंकी अगर यह ठेकेदारी प्रथा में चला जाएगा तो ICDS अपने मूल उद्देश्य से भटक जाएगा। उनकी मांग हैं की महिला पर्यविक्षिका का जो रिक्त पद निकला है ,जिसका नंबर 313 है उसे रद्द किया जाए क्यूँकी इसमें अनिमियतता है। कोई भी राज्य में बाहरी लोगो को आवेदन भरने की अनुमति नहीं है,जबकि झारखण्ड सरकार पुरे भारत के लोगो को पद के लिए आमंत्रित करती है। सरकार झारखण्ड के साथ अन्याय कर रहा है।