जिला मुंगेर से बिपिन कुमार जी बताते है कि अप्रैल माह में ही जून के हालत बन गए है,जून माह के जैसे झुलसा देने वाली गर्मी लोगो को अभी से लहू-लुहान करने लगी है। जल स्रोतो में पानी तेजी से काम हो रहा है, पुरे देश में लगातार दो साल से सूखे के हालात हो चुके है। अगर इन सब समस्याओं से बचना चाहते है तो प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करना बंद करे और प्रत्येक घरों में एक-एक पेड़ लगाया जाये,तो काफी हद तक इन मौसम में सुधार हो सकता है।