जिला में इन्फ्लूएंजा एच 3 एन2एन1 के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। निजी क्लिनिक से लेकर सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार के साथ पेटदर्द व गैस बनने की शिकायत ले मरीज आ रहे हैं। इसमें अधिकांश 15 साल के नीचे के बच्चे हैं। सभी का इलाज लक्षण के आधार पर किया जा रहा है। इन बीमार लोगों की एच 3 एन 2 एन1 वायरस की जांच की सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं है और न ही किसी का जांच के लिए सेम्पल ही लिया जा रहा है।बस लक्षण के अनुसार इलाज चल रहा है। सदर अस्पताल के डीएस डॉ एसएन सिंह ने बताया कि जांच के लिये सेम्पल नहीं गया है। लक्षण के आधार पर उपचार किया जा रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष कुमार सिंह व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि बदलते मौसम में इन्फ्लूएंजा की बीमारी सर्दी खांसी बुखार होता रहता है। मगर इस बार का इंफ्लुएंजा एच 3एन2 एन 1 कुछ ज्यादा परेशान कर रहा है।पेट दर्द ,पेट खराब व गैस्टिक लेकर आया है। जिसका इलाज किया जा रहा है। यह सब बीमारी रेसिस्टेंस व इम्युनिटी कमजोर होने के कारण हो रहा है।इसलिए जरूरी है इम्यून सिस्टम को मजबूत करने की। डॉ संतोष कुमार सिंह बताते है कि इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिये कैल्शियम डी थ्री, विटामिन सी के साथ पौस्टिक आहार बढ़ाने की जरूरत है। जिस तरह कोरोना में घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूरी था ऐसी ही इस वायरल से बचने के लिये मास्क व दो गज की दूरी जरूरी है। वायरल से बचने या चपेट मेंआने पर गर्म पानी नमक डाल कर गार्गल, विक्स का भाप के अलावे हल्दी मिला दूध रात में पीना चाहिए।
