भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भारतमाला परियोजना अंतर्गत फोरलेन गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। कुल 519.500 किमी लंबाई का यह एक्सप्रेस गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) से आरंभ होकर कुशीनगर जिला होते हुए पश्चिम चंपारण जिला के बैरिया प्रखंड के समीप बिहार में प्रवेश करेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने बताया कि गंडक नदी पर 10 किमी लंबा पुल बनेगा एवं पश्चिम चंपारण के 12 किमी के बाद पूर्वी चंपारण में प्रवेश करेगा। बिहार के आठ जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज से होते हुए यह एक्सप्रेसवे सिलीगुड़ी तक जाएगी। सूबे में इसकी कुल लंबाई 416 किमी होगी। मोतिहारी से सिलीगुड़ी की दूरी इस एक्सप्रेस-वे 390 किमी रह जाएगी। वहीं गोरखपुर की भी दूरी 130 किमी तक रह जाएगी। यह एक्सप्रेसवे पूर्वी चंपारण जिला के पहाड़पुर, हरसिद्धि, तुरकौलिया, पीपराकोठी (जीवधारा), पकड़ीदयाल, पताही एवं फेनहारा प्रखंड के कुल 64 गांव से गुजरेगी। पूर्वी चंपारण जिले में इसकी कुल लंबाई 72 किमी होगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है। डीपीआर भी तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रण करने का लक्ष्य भी तय हो गया है। जिले में रामजानकी मार्ग के निर्माण के लिए भी भूअर्जन का काम चल रहा है। इस मार्ग के बनने से सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण एवं सीवान जिले से अयोध्या (उत्तर प्रदेश) एवं जनकपुर (नेपाल) जाना आसान हो जाएगा। रामजानकी मार्ग के चार लेन का निर्माण अयोध्या (उत्तर प्रदेश) से भिठामोड़ (सीतामढ़ी) तक होना है। यह मार्ग बिहार के मेहरौना (सीवान) से प्रारंभ होकर सीवान, मशरख, केसरिया, चकिया, चोरमा, मधुबन होते हुए भिठामोड़ (सीतामढ़ी) तक जाएगी।