जिले में 9 अंगीभूत कॉलेज हैं। सभी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी से पठन-पाठन प्रभावित है। जिन विषयों में शिक्षक हैं, उनमें छात्रों के आने पर कक्षाएं संचालित होती है।कुछ विषयों में तो नामांकन के लिए सबसे अधिक मारामारी रहती है। वहीं, कुछ विषयों में तो अधिकांश सीटें खाली ही रह जा रही हैं। वहीं, शिक्षकों की कमी से छात्रों की टॺूशन पर निर्भरता बढ़ रही है।इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान व जन्तु विज्ञान में है सबसे अधिक आकर्षणशहर के एलएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार के अनुसार, ऑनर्स में कला के विषयों इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, म नोविज्ञान व हिन्दी में नामांकन के लिए छात्र-छात्राएं सबसे अधिक इच्छुक रहते हैं। इन विषयों के बाद अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, उर्दू, सामजिक विज्ञान में नामांकन का च्वाइस रहता है। जबकि दर्शन शास्त्र विषय में सबसे कम नामांकन की स्थिति है। वहीं, विज्ञान में जन्तु विज्ञान के प्रति सबसे अधिक आकर्षण देखा जा रहा है। इसके बाद भौतिकी, गणित, रसायन शास्त्र विषयों की मांग है। सबसे कम वनस्पति शास्त्र में नामांकन हो रहा है।
