बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से एवं कदाचार मुक्त परीक्षा संचालित करने के सन्दर्भ में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक बार फिर इंटर और मैट्रिक के परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है।इस बदले हुए पैटर्न अनुसार अब मैट्रिक परीक्षा भी ओएमआर शीट पर ली जाएगी।वहीं इंटर आर्ट्स में भी ओएमआर लागू होगा।मैट्रिक में 100 अंक वाले थ्योरी पेपर में 40 अंक के ओएमआर पर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जायेंगे।इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा पैटर्न में बदलाव के लिए समिति ने 50 शिक्षकों की टीम बनायी थी।इस टीम में पटना विवि से लेकर बिहार के कई दूसरे विवि के शिक्षाविद शामिल थे।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए समितिद्वारा पिछले चार सालों में तीन बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया गया है।श्रोताओं, इस तरह से क्या सरकार द्वारा बार-बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा ?क्या इस बदलाव के बाद बिहार में कदाचार मुक्त परीक्षा सम्पन कराने का संकल्प पूरा हो सकेगा ?क्या ये बदलाव विद्यार्थियों के हित में होगा,अगर हाँ तो यह किस हद तक विद्यार्थियों के लिए लाभदायक साबित होगा ?आपके अनुसार इस नए पैटर्न के लिए विद्यार्थियों को किस तरह से परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए? विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों की क्या भूमिका होनी चाहिए अपने बच्चों को नए पैटर्न के अनुसार परीक्षा की तैयारी करवाने में ? इस विषय पर अपने विचार, प्रतिक्रिया और सुझाव हमारे साथ जरूर बाँटे अपने मोबाइल से