भारत एक विकासशील देश है, और देश में तेजी से आर्थिक विकास भी हो रहा है,लेकिन इस विकास का लाभ देश के गरीब जनताओं को नहीं मिल रहा है, और देश में आज भी गरीबी,अशिक्षा और बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं।इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए भारत ने 90 के दशक में आर्थिक सुधार शुरू किया।सुधारों से उम्मीद थी कि लोगों के आर्थिक हालात सुधरेंगे, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान न देने की वजह से गरीबी, कुपोषण,भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक समस्याएं बढ़ी हैं। और अब यह देश के विकास को प्रभावित भी कर रहा है। इन सब समस्याओं को देखते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा गाँवों में ही तरह तरह के स्वरोजगार योजना शुरू करने की बात कही गई, बावजूद इसके हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। हम आपसे जानना चाहते हैं कि क्यों हमारे देश में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है ? आपको क्या लगता है सरकार रोजगार दिलाने की ओर लोगों की मदद कर रही है? सरकार देश में नए -नए क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजन करने की दिशा में क्या कर रही है ?आपके अनुसार देश में रोजगार के नए नए अवसर उत्पन्न करने में सरकार को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है? साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार पाने में क्या-क्या दिक्कतें आ रही है? और देश में निरंतर बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार कितना गंभीर है? आपके अनुसार बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए सरकार को ऐसे कौन-कौन से उपाय करने चाहिए जिससे देश में लोगों को, खास कर युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सके? साथ ही बेरोजगारी रोकने में समाज की क्या भूमिका होनी चाहिए?