बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि सरकार हमेशा से ही देश से कुपोषण को दूर कर सुपोषण लाने की ओर कार्य किया है।छोटे बच्चों से ले कर किशोरों तक में पोषण की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की है।लेकिन स्कूलों में बच्चों के सेहत और सरकार के मंशा के साथ धोखा किया जा रहा है। मध्याह्न भोजन के नाम पर पतली खिचड़ी और हरी सब्जियों के नाम पर आलू की मात्रा ज्यादा दे कर बनी हुई सब्जियाँ दे कर खाना पूर्ति की जाती है।जबकि सरकार ने स्कूलों में हर दिन के खाने का मेनू तय कर रखा है जिसमें अंडा से ले कर मौसमी फल तक शामिल हैं।लेकिन स्कूलों में ये सब देखने को भी नहीं मिलता है।इस सम्बंध में अभिभावकों को भी जागरूक नहीं किया जाता है।क्यूँकि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों के समक्ष मध्याह्न भोजन का जिक्र तक नहीं करना चाहती है।
