बिहार राज्य के जमुई जिला ,सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार ने सिकंदरा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मलिन चेहरे ,धसी आंखे और और सुखी लकड़ी की तरह हाथ-पांव। कहीं भी भोजन देख चमक उठती है निगाहें। गावँ कस्बों से लेकर असलम एरिया तक यह एक समान दृश्य है।ऐसे में भविष्य में किस फलदार पेड़ की कल्पना की जा सकती है,जिस देश का बचपन ही भूखा हो,उस देश का यौवन क्या होगा। प्रसंग यह है कि देश राष्ट्रिय सुपोषण सप्ताह मना रहा है ,सुपोषण पर बातें हो रही है। इस मामले में राष्ट्रिय स्थिति दयनीय है,यह सरकार की रिपोर्ट बता रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार इसकी चिंता भी कर रही है,इसलिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
