दिल्ली के जहांगीरपुरी से सविता मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि किशोरावस्था क्या है ?
दिल्ली के दीवाने से मोनिका मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती हैं कि किशोरावस्था की उम्र क्या है ?
दिल्ली से बॉबी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती हैं कि क्या किशोरी का व्यवहार बड़ों से अलग होता है ?
दिल्ली से बालारानी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती हैं कि किशोरावस्था की उम्र क्या होती है ?
दिल्ली के बहादुरगढ़ से श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि किशोरावस्था की उम्र क्या होती है ?
दिल्ली से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते हैं कि किशोर किसे कहते हैं ?
दिल्ली से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती हैं कि क्या किशोरी पर असर पड़ता है ?
दिल्ली से कल्पना मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि क्या तेज गाड़ी चलाना जोखिम भरा व्यवहार है ?
दिल्ली से राहुल मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते हैं कि क्या स्कूल छोड़ना जोखिम भरा व्यवहार है ?
दिल्ली से श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि बच्चों में बढ़ते नशे की लत का कारण क्या मानसिक तनाव है ?
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बच्चों में नशे की लत बढ़ने के कई कारण होते हैं, जिनमें मानसिक तनाव एक बड़ा कारण हो सकता है। जब बच्चे पढ़ाई, दोस्तों या घर के माहौल से दबाव महसूस करते हैं, तो वे नशे की तरफ आकर्षित हो सकते हैं। परिवार का व्यवहार और आदतें भी बच्चों पर असर डालती हैं क्योंकि बच्चे अपनी सोच और व्यवहार परिवार से सीखते हैं। इसलिए, परिवार को चाहिए कि वे सकारात्मक प्रेरणा दें, बच्चों की बात सुनें और भावनात्मक सहारा प्रदान करें। बच्चों को व्यायाम, खेलकूद, और ध्यान जैसी स्वस्थ गतिविधियों की ओर प्रेरित करें। अगर जरूरत हो, तो स्कूल या स्वास्थ्य केंद्र से मदद लेना भी लाभकारी होता है।
Oct. 10, 2025, 4:08 p.m. | Tags: information addiction health mentalhealth

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हाँ, स्कूल छोड़ना जोखिम भरा व्यवहार माना जाता है, क्योंकि इससे बच्चों की शिक्षा बाधित होती है और भविष्य में उनके लिए रोजगार या आगे पढ़ाई के अवसर सीमित हो जाते हैं। गरीबी, घर पर बच्चों का काम करना, तनाव, पढ़ाई में रुचि की कमी, या पर्यावरण भी इसमें भूमिका निभाते हैं। परिवार के साथ गहरे संबंध, खुशमाहौल, और सकारात्मक सहयोग से इस जोखिम को कम किया जा सकता है, बच्चे दूसरों से ज्यादा अपने परिवार की बात सुनते हैं। यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़ दे, तो यह कोई अंत नहीं है। स्कूल की तरफ वापसी, प्रशिक्षण या विकल्पीय शिक्षा के नए रास्ते भी खुले हैं। अगर मुश्किलें समझ में आएं, तो परिवार व शिक्षक मिलकर सलाह, प्रेरणा और सही रास्ता दे सकते हैं। हर कदम पर बच्चे के भविष्य का ध्यान रखें, उसकी इच्छा और भावना समझें, और आपसी बातचीत व सहयोग से रास्ता निकालें।
Oct. 10, 2025, 4:08 p.m. | Tags: career information education mentalhealth children