बदायूँ, उत्तर प्रदेश से अरूण साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से स्वाति जी की द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बता रहे हैं कि जब तक हम अपने माता-पिता को अपना दोस्त नहीं समझेंगे, तबतक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। ठीक ऐसे ही माता-पिता को भी अपने बच्चों को ये विश्वास दिलाना चाहिए कि अपनी हर बात/परेशानी उन्हें एक दोस्त की तरह बताएँ, वो हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं, तभी बच्चों के मन से भय ख़त्म हो सकेगा और वे खुलकर उनसे अपनी परेशानियाँ साझा कर पाएँगे।