बहादुरगढ़, हरियाणा से रूपाली साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए मंगलवार को यह साफ़ कर दिया कि कोई भी अभिभावक अगर आर्थिक परेशानी के कारण अपने बच्चे की फ़ीस नहीं दे पाता है, तो इस वझ से ऊँच बच्चे का नाम न तो काटा जा सकता है और न ही उसे शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।