हरियाणा बहादुरगढ़ से संतोष कुमार साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि कई श्रमिक भाइयों के पास खाने के लिए महज तीन से चार दिन का ही राशन बचा हुआ है और कोई दूसरा उपाय भी नहीं है। इससे श्रमिकों को काफी परेशानी होगी।