दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम की प्रमुख गिन्नी रोमेट्टी ने कहा कि भारतीयों में नए जमाने की नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की कमी है। इस कारण उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही हैं, जबकि नए जमाने के रोजगार अधिक मात्रा में पैदा हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि कुल 180 अरब डॉलर के घरेलू सॉफ्टवेयर उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से 40 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। आईबीएम की चेयरमैन, अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी रोमेट्टी ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक समस्या है।कंपनी के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बुधवार को कहा कि भारत में वही परेशानियां हैं। यहां नई नौकरियों का सृजन हो रहा है, लेकिन उनके अनुरूप काबिलियत या कौशल नहीं है।रोमेट्टी ने कहा कि मुझे लगता है कि आप अतीत में विश्वास करने की तुलना में कुछ अलग चीजों में विश्वास करते हैं। आपको यह भरोसा करना होगा कि डिग्री के मुकाबले कौशल ज्यादा जरूरी है। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है, जबकि यह कहा जाता है कि इंजीनियरिंग की डिग्री वाले लाखों युवाओं के पास नौकरी नहीं है।उन्हें अगर शुरुआती स्तर पर नौकरी मिलती भी है तो अनुभव रखने वाले अर्ध-कुशल कामगारों से बहुत कम वेतन मिलता है।