वी.के वर्मा साथ में धनबाद महिला मंच कि सचिव अंजलि जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला हिंसा पर कहती है कि महिला हिंसा बढ़ने का कारण है कि हमारा देश पुरुष प्रधान है समाज में पुरुषो का वर्चस्व है महिला को दोयम दर्जे का माना जाता है भोग का वस्तु माना जाता है इसलिए पुरुष हमेशा स्त्री को चाहे वह घर पर हो ऑफिस में हो या कही भी समाज में हो उसके साथ गलत करता है अंजलि जी कहती है की पहले भी समाज में इस तरह कि घटनाये होती थी पर मिडिया उतनी सक्रीय नहीं रहती थी,पॉवरफुल नहीं थी इसकी वजह से बात को कही न कही दबा दिया जाता था साथ में महिलाये और संस्थाए भी जागरूक नहीं थी क्योँकि महिलाये सोचती थी की अगर वे मामले को सामने लाएंगी तो समाज उनपर ही कीचड़ उछाला जायेगा, इस डर से वे चुप रहती है सहती रहती है 16 दिसंबर कि घटना जो दिल्ली कि कड़ाके कि ठण्ड में हुई थी पूरी तरह से सिस्टम को हिलाने वाली थी.महिला हिंसा के लिए महिलाये कही भी दोषी नहीं है अगर महिला किसी भी तरीके का मर्जी से कपडे पहनती है तो दोषी महिलाये नहीं बल्कि सामाजिक सिस्टम और पुरुष कि मानसिकता दोषी है महिला हिंसा रोकने के लिए समाज में महिलाओ में जागरूकता लानी होगी।
