देओघर से डॉ.प्रदीप शृदेव जी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहते है कि बाल विवाह में बार और बधू में परिपव्ता की कमी होती है और यही समाज के लिए घातक साबित होता है। कम उम्र में विवाह कर देने से विवाहित दम पति शारीरिक और मानसिक बीमारियो से ग्रसित होने लगते है। बाल विवाह को रोकने के लिए सामाजिक संगठनो को आगे आना होगा और उन्हें लोगो को समझाना होगा की ये गलत है।
