जिला देवघर से के.बी.सहाय जी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बाल विवाह पर धीरेन ठकराल जी के विचार जानने चाहे। श्री ठकराल जी ने बताया कि बाल विवाह मुग़ल काल से ही चली आ रही है,इसका मुख्य कारण मुग़लो की कूदृष्टि थी,जिससे बचने के लिए बाल विवाह की श्रुआत की गयी,क्योकि मुग़ल विवाहिता की ओर ध्यान नहीं दिया करते थे।