शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से भेदभाव जारी मैं मैं यह जानना चाहता हूं क्या शहर के लोग ज्यादा खाना खाते हैं और गांव के लोग कम खाना खाते हैं क्योंकि जब शहर के लोगों का सिलेंडर 30 दिन में चलता है तो गांव के लोगों का 45 दिन कैसे चलेगा इस पर सरकार को सोचना चाहिए क्योंकि यह ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही होते हैं जो सरकार बनाते हैं और वोट देते हैं जरा शहरी क्षेत्र के लोग तो सुविधा अनुसार वोट देते हैं या नहीं भी देते हैं आज सरकार की किसी भी काम में जो जागरूकता गांव के लोगों में होती है वह शहर के लोगों में नहीं होती है सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और इस प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए दोनों को सामान करना चाहिए