झारखण्ड मोबाइल वाणी प्रस्तुत कर रहा है आपके समक्ष 3/8/2013 से सन्नो की कहानी-सन्नो जो एक ग्रामीण है और बीमार है तथा उसके घर वाले झाड़-फूक वाले से इलाज करा रहे है सहिया दीदी उसे देखने आती है सन्नो को कहती है की जितने पैसे में झाड़-फूक करा रही हो उतने में तो डाक्टर से इलाज करवा लोगी,सन्नो कहती है की रोज डाक्टर कहा आते है सन्नो का पिता कहता है की पैसा नहीं है और साथ में यह भी कहता है की पास के सवास्थ केंद् जाने के लिए एक ही पगडण्डी है कोई गाड़ी भी नहीं जाती है ऐसे में 12 किलोमीटर दूर सवास्थ केंद्र सन्नो को कैसे ले जायेगा।सहिया दीदी सन्नो के पिता से कहती है की घर कितना गन्दा करके रखा है नाद में पानी भरा हुआ है,साफ-सफाई नहीं है,मच्चारदानी लगा के भी नहीं सोती है तो ऐसे परिवेश में सन्नो बीमार क्यो नहीं पड़ेगी।