आज सरस्वती न लोकसभा न विधान सभा सबसे बड़ी ग्राम सभा कि आखरी कड़ी लेकर झारखण्ड मोबाइल वाणी पर आयी जिसमे जी.एम्.रंगीला जी गोमिया प्रखंड स्थित सियारी पंचायत से वहाँ के मुखिया श्री पूरण मांझी के विचार ले रहे है मुखियाजी कहते है कि पंचायत चुनाव के बाद जितने अधिकार एवं राशि मिलनी थी वो आज ढाई साल के बाद भी नहीं मिली जिससे वो जनता को संतुष्ट नहीं कार पा रहे है केवल कागजों पे ही खानापूर्ति कि जा रही है, बाघमारा धनबाद से श्री जनार्दन महतो जी कहते है कि पंचायत चुनाव होने के बाद भी आज WHO के आंकड़ो के अनुसार 48% बच्चे कुपोषण के शिकार है ICDL एवं मिड डे मील योजना के बाद भी स्थिती वही है, श्री कैलाश गिरी जी चन्द्रपुरा बोकारो से आंगनबाड़ी कि स्थिती के बारे में बताते हुए कहते है कि उनके यही सात आंगनबाड़ी केंद्र है जहा काफी अनियमिततायें है पोषाहार कि वितरण भी नहीं हो पाता इस सम्बन्ध में मुखीयाओं द्वारा शिकायत भी दर्ज कराई गयी परन्तु विभागीय लापरवाही के कारण कोई करवाई नहीं हुई, महुदा धनबाद से राधू राय पंचायती राज पर समाजसेवी श्री काशीनाथ महतो जी से बगडा पंचायत के विकाश पर बात करते है श्री काशीनाथ महतो जी बताते है कि मनरेगा के अंतर्गत कई योजनायें चल रही है जो फिलहाल वर्षा के कारन बंद है इंदिरा आवास का भी काम हो रहा है कुछ लोगों का अधुरा है जिसे जल्द पूरा कर लिया जायेगा GRGF योजना के तहत पुलिया,नाली,चेक डैम का कार्य चल रहा है जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत चावल दिवस पे लोगों को चावल एवम किरासन उपलब्ध कराया जा रहा है, चंदंक्यारी बोकारो से श्यामपद दास जी कहते है पंचायत चुनाव के बाद लोगों को जो विकाश कि उम्मीद जगी थी वो पूरी नहीं हो रही है चुने हुए प्रतिनिधि जैसे मुखिया,प्रमुख,वार्ड पार्षद उनकी उम्मीदों पे खरे नहीं उतरे है योजनाओं को धरातल पे उतरा नहीं जा सका है अधिकांश प्रतिनिधि तो ठेपाधारी है तो वे विकास के बारे में क्या सोचेंगे अतः इसमें आवश्यक सुधार कि आवश्यकता है अब अंत में उमेश कुमार तुरी जी,महुदा धनबाद से पंचायती राज पर दिलीप कुमार जी से बात कर रहे है श्री दिलीप कुमार कहते है पंचायत चुनाव के बाद लोगों को बुनियादी सुविधाओ जैसे पानी बिजली शिक्षा,लाल कार्ड,बी.पी.ऍल.कार्ड अदि कि जो उम्मीद थी वो पूरी नहीं हुई है इसमें आमूल चूल परिवर्तन कि आवश्यकता है ग्राम सभा के बारे में ये कहते है कि यह एक ऐसे शक्ति है जिसके माध्यम से हम दिल्ली तक अपनी बात पंहुचा सकते है आज धीरे धीरे लोग जागरूक हो रहे है बुद्धिजीवी प्रतिनिधि आ रहे है अतः विकास कि सम्भानाओ कि हम आशा कर सकते है और इसके लिये सभी को अपनी भागीदारी सुनिशित करनी होगी