जिला बोकारो के चंदनकियारी प्रखंड से गोपाल कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी द्वारा धनबाद से मिली संदेश जिसमे मध्यान भोजन बनाती महिलाओ को पैसा नहीं दिया जाता है.वे अपनी जानकारी के अनुसार बताते है कि उन महिलाओ को थोडा बहुत तो पैसा दी जाती है.तथा वे सरकार को बताना चाहते है की वे हर स्कुलो में मध्यान भोजन की जांच करे. क्योकि छात्र-छात्रो के लिए जो पैसा दी जाती है. वो उन्हें नहीं मिलता है. तथा जो समाग्री मध्यान भोजन बनाने के लिए दी जाती है. उसमे भी वे अपना हिस्सा निकाल लेती है.जिससे बच्चो को सही भोजन नहीं मिलता है.अगर उन्हें पैसा नहीं भी दी जाए तो भी वे भोजन बनाने आएंगी। क्योकि उन्हें हर माह 10,000 रूपए की बचत होती है.अत:इसकी जांच की जाए.