धनबाद: फर्केश्वर महतो ने खेराबेड़ा, तोपचांची, धनबाद से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से खाद्य सुरक्षा विधेयक की खासियत पर प्रकाश डालते हुए कहते हैं कि इस विधयेक के पास होने से देश की दो -तिहाई आबादी को सस्ता अनाज मिलेगा इस वविधेयक के प्रावधान के अनुसार परिवारों को दो भागों में बाटा गया है प्राथमिकता और सामान्य। प्राथमिक में उन परिवारों को रखा गया है जो गरीबी रेखा के निचे जीवन बसर करते हैं और सामान्य में उन्हें रखा गया है जो गरीबी रेखा से ऊपर आते हैं।खाद्य क्षेत्रों में इससे 75 % जबकि शहरी क्षेत्रों में 50 % जनता लाभान्वित होंगे। इसमें बीपीएल परिवारों को 3 रुपए प्रति किलो चावल और २ रुपये प्रति किलो गेहूं देने के प्रावधान है। इस विधेयक के तहत 63.5 करोड़ परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी है।खाद्य सुरक्षा विधेयक में इसकी बज़ट 63 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 95 करोड़ रुपए दिया जाएगा।इस विधेयक से अनाज की मांग 5.5करोड़ मीट्रिक टन बढ़कर 6.1 मेट्रिक हो जाएगी। इस पर झारखण्ड के खाद्य सुरक्षा अभियान 17 जिलो में भ्रमण कर राज्य में जानकारी दी गई जिसमे १७ अक्टूबर को जमशेदपुर में विभिन्न राज्यो के प्रतिनिधि मंडल शामिल थे साथ ही सुप्रीम कोर्ट के राज्य सलाहकार बलराम, गुरजीत सिंह और कांशीनाथ चटर्जी थे.
