फर्केश्वर महतो जी, जो की धनबाद,तोपचांची से झारखण्ड मोबाइल वाणी को ये जानकारी दे रहे है की प्रज्ञा केंद्र के हेड ऑफिस से जाती प्रमाण पत्र का फॉर्मेट बदल जाने से स्थानीय प्रज्ञा केंद्र से जब लोग जाति प्रमाण पत्र ले रहे है. तो लोगो को जाति के बदले ओबीसी लिख कर दिया जा रहा है.ऐसा क्यों?