आशीष कुमार जयनगर कोडरमा से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर होली की सुभकामनाये देते हुए जल सरक्षण के सम्बन्ध में अपने विचार प्रस्तुत किये और बताया की जल सरक्षण हमरे यहाँ कई तरीको से किया जाता हैं जैसे छोटी छोटी नदियों में चेकडेम पोखर, तालाब बना कर पानी का सरक्षण किया जाता हैं.और जहाँ तक प्रदुषण की बात हैं झारखण्ड में अधिक कल कारखाने नदियो के किनारे ही लगाये गए हैं जिससे की उनका कचरा नदियों में बहा दिया जाता हैं जिससे नदी का पानी प्रदुषित हो रहा हैं.आज पेड़ पौधों को काटा जा रहा हैं जिस कारण प्रदुषण की समस्या बढ़ गए हैं. जल प्रदुषण न हो इसके लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने चाहिए जिससे इस प्रदुषण की समस्या का समाधान हो सके.