गिरिडीह जमुआ से इन्द्रदेव इंदु जी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी को बताया की आज भी लडकिय चारदिवारी के अन्दर रहने को मजबूर हैं.जिस कारण लड़किओं का दिमाग संकुचित हो जाता हैं.आज भी लड़के और लडकियो में अंतर माना जाता है.इस भेदभाव को मिटा कर दोनों को समान भाव देना होगा जिससे लड़कियों को भी आगे बदने का मौका मिले.आज भी लड़कियां चारदीवारी से बाहर निकल कर अपना मुकाम हासिल कर रही हैं. इसलिए लोगो से निवेदन हैं की वो लड़किओं को आगे बदने का मौका दे.
