स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा तो हमने भी फहराया, आपने भी फहराया। पर क्या हम आज भी सही मायने में उस तिरंगे के सभी रंगों का मतलब समझ पाए हैं..? केशरिया जो की देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है, सफ़ेद अपनी चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतिक है, हरा उर्बरता,बृद्धि और पवित्रता को दर्शाती है। पर क्या हम अपने जीवन में इन आदर्शों का सम्मान कर पा रहे हैं..? अगर नहीं तो आखिर क्या वजह है की हम राष्ट्रवाद की उन्मादना में राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिकाओं को भूलते जा रहे हैं...?चाहे हालात कितने भी बुरे क्यों न हो, इंसान सपने देखना कभी नहीं छोड़ता है. बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग, गरीब से लेकर अमीर सभी सपने देखते है, कुछ अपने लिए तो कुछ इस देश के लिए। इस स्वतंत्रता दिवस पर आपने इस देश के लिए क्या कोई सपना देखा है..? चाहे हममे लाख बुराइयां हो, चाहे हम सब एक दूसरे से कितने ही भिन्न क्यों न हो पर देश ,तो हम सब का है और इस देश पर गर्भ हम सबको है. देश के एक नागरिक तथा अपने समुदाय का एक सदस्य होने के नाते क्या आप ने कोई संकल्प लिया जिससे यह देश आगे की तरफ थोड़ा और बढ़ सके...?इस संकल्प को पूरा करने के लिए आप ने क्या रास्ता सोचा है..?भारत की 73 वें स्वतंत्रता दिवस पर आप इस देश को विश्व के किस स्थान पर देखना चाहते हैं...? और यह स्थान हासिल करने के लिए हमे क्या-क्या करना पड़ेगा...?
