जिला कोडरमा से आशुतोष कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि सदर अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर पद स्थापित नहीं जो इमरजेंसी पड़ने पर महिलाओ की इलाज कर सके।तथा वार्ड में डॉक्टर के नही रहने से मरीजो को कई प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ता है।