पटमदा प्रखंड के बीडीओ जिन्होंने मोबाईल वाणी के माध्यम से जानकारी दी जिसमे उनका कहना है की बाल विवाह संरक्षण पदाधिकारी के रूप में किस प्रकार से लोंगो को कम्पलेन आना चाहिए ये मीटिंग के माध्यम से सभी को पंचायत स्तर में ग्राम स्तर में सभी को बताय गया। इसी सन्दर्भ में इसी साल ग्यारह मामले आये जिसमे उन्होंने बाल विवाह हो कुशलता पूर्वक रोक भी दिया। इसमें स्कुल के टीचर,आंगनबाड़ी ,जनप्रतिनिधि ,समाज सेवी ,पुलिस अधिकारी आदि की भूमिका काफी सराहनीय रही। लोगो के ये भी जानकारी दी गई की बच्चो का बाल विवाह न करे और उनके बचपन को न छीने।इससे अभिभावक भी काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने कहा की बाल विवाह नहीं होना चाहिए।