शिक्षा किसी भी इंसान के व्यक्तित्व का पहचान कराती है, लोगों में संस्कार पैदा करती है अर्थात यूँ कहे कि शिक्षा के बिना हम मानव का जीवन ही अंधकार में डूबा सा प्रतीत होता है। जिस तरह एक घर के लिए नींव का मजबूत होना जरुरी होता है ठीक उसी तरह हमारे लिए प्राथमिक शिक्षा का मजबूत होना भी बेहद जरुरी है।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए संविधान के 86वें संशोधन द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 को देश भर में लागु किया गया।दोस्तों ,हम आपसे जानना चाहते हैं कि आपके पंचायत में प्राथमिक शिक्षा की क्या स्थिति है ? क्या आपके पंचायत में बच्चों को शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्राथमिक शिक्षा का लाभ मिल रहा है ? और अगर नहीं मिल रहा है , तो आखिर प्राथमिक शिक्षा के इस हालात के लिए कौन ज़िम्मेवार है ? पंचायतों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार क्या कोई प्रयास कर रही है ? साथ ही प्राथमिक शिक्षा, उच्च प्राथमिक शिक्षा,अनौपचारिक शिक्षा तथा साक्षरता आदि सम्बंधी कार्यों को देखना पंचायत प्रतिनिधियों की ज़िम्मेदारी है ,तो क्या पंचायत प्रतिनिधि अपने इस कार्य को ईमानदारीपूर्वक निभा रहे हैं ? आपके अनुसार पंचायतों में प्राथमिक शिक्षा की स्तर में सुधार लाने हेतु सरकार को किस तरह के कदम उठाने की जरुरत है ?