झारखण्ड में बढ़ते अपराध,हत्या,अपहरण,लूट आदि जैसी घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।अपराध की बात की जाये तो भारत का शायद ही कोई ऐसा राज्य हो जहाँ अपराध नहीं होता है...वर्तमान में अपराध और अपराधी से देश के अन्य लोग ही नहीं बल्कि झारखण्ड में रहने वाला हर एक व्यक्ति आज प्रभावित है..आपके अनुसार प्रशासन द्वारा अपराधियों को समय पर ना पकड़ पाना या उन्हें राजनितिक सपोर्ट मिलना अपराधियों के मनोबल को किस तरह से बढ़ाता है...आपके अनुसार आपराधिक घटनाओं से निबटने के लिए प्रशासन के आलावा आमलोगो को किस तरह से जागरूक या सतर्क रहने की जरुरत है ?क्या कड़े नियम होने के बावजूद अपराधिक गतिविधियों में कमी हो पा रही है?