जोहर श्रोताओ जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर आने वाले सप्ताह में हम चर्चा करेंगे 48 प्रतिशत अशिक्षित झारखण्ड में कितना सफल हो पायेगा कैशलेस का सपना के बारे में... बीते वर्ष 8 नवम्बर 2016 को भारत सरकार ने अचानक 500 और 1000 के नोटों के चलन बंद करने की घोषणा की और इसके बाद ही शुरू हुई को देश कैशलेस बनाने की मुहीम। अगर हम झारखण्ड प्रदेश की बात करें ,तो यहां की साक्षरता दर 66.41 प्रतिशत है ,जो आधे से थोड़ी ही अधिक है।ऐसे में आपके अनुसार झारखण्ड जैसे इतनी कम शिक्षित वाले राज्य में कितना सफल साबित होगा कैशलेस राज्य का सपना ?झारखण्ड सरकार, राज्य को कैशमुक्त बनाने के लिए क्या किसी तरह की कोई पहल कर रही है।...यदि हां तो किस तरह की ? साथ ही राज्य को पूरी तरह से कैशलेस करने के लिए आपके अनुसार सरकार को किस तरह की कदम उठाने की जरुरत है ?
