मध्ययान भोजन बनाने वाले रसोईयों की समस्याओं के बारे में आला अधिकारियों का क्या है जवाब, जानने के लिए क्लिक करें
जिला मध्यानं भोजन कार्यालय के आला अधिकारी क्या कहते हैं मिड डे मील कर्मचारियों की हालात के बारे में, सुनने के अभी करें क्लिक
मिड डे मील बनाने वालों के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जनवरी में बिहार राज्य में 1 लाख से भी ज्यादा कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल की थी, अपनी मांगे रखीं थीं.. लेकिन क्या हुआ उनके साथ? यह जानने के लिए सुने यह खबर.
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सरकारी विद्यालय के बच्चों को एक वक्त का भरपेट भोजन मिले साथ ही उसे कुपोषण से भी मुक्ति दिलाया जा सके इसी उद्देश्य के साथ सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना मिड डे मील की शुरुआत की थी लेकिन यह योजना वर्तमान समय में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है जहां तक इस योजना में कार्य कर रहे रसोइए की है तो इन्हें पारिश्रमिक के रूप में सरकार द्वारा निर्धारित दैनिक भत्ता भी नहीं दिया जाता राज्य में लगभग ढाई लाख की संख्या में रसोई में कार्यरत हैं रसोइए की आमदनी पर उनका परिवार निर्भर करता है एक तो महज 12 साल की राशि प्रतिमाह निर्धारित की गई वह भी नियमित रूप से नहीं मिलता है सरकार की यह नीति पूरी तरह से दोषपूर्ण है मानदेय निर्धारित करने से पूर्व या विचार करना चाहिए कि उन्हें दैनिक भत्ता के अनुरूप मानदेय दे रहे हैं अथवा नहीं
बिहार राज्य के मुंगेर जिले से सुबोध गिरी जी ने मुंगेर मोबाईल वाणी की ओर से रसोईया जयमाला देवी से बातचीत की। बातचीत के दौरान यह बताया गया कि सरकार विद्यालय में काम करने वाली रसोईया को उचित मजदूरी नहीं दिया जा रहा हैं. इसके अलावा और एक रसोईया अभिनय कुमार जी ने बताया कि मात्र ₹12 में रसोईया को काम कराना सरकार की गैर जिम्मेदाराना रोल अदा कर रही है.उन्होंने बताया की सरकार के खिलाफ बहुत बार आवाज भी उठाया गया ,धरना भी दिया गया लेकिन भी किसी तरह का सुधार नहीं किया गया है।अभिनय कुमार जी का कहना है कि 12 महीने काम करने के बावजूद मात्र 10 माह का वेतन दिया जाता है. महिलाओं को जो विशेष छुट्टी मिलती है उनको नहीं दी जाती है ,सरकार हर हाल में रसोईया का शोषण कर रही है.
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मध्य विद्यालय सरदारपुर मी रसोईया ने अपनी न्यूनतम मजदूरी से नाखुश दिखी उन्होंने बताया इतने कम पैसे में बच्चे का भरण पोषण और पढ़ाई लिखाई दुर्लभ है सरकार के खिलाफ यह लोग रैलियां कर चुकी हैं अपनी मांगों को रख चुकी है इनकी मांग₹18000 हैं लेकिन सरकार ने इनकी बातों को अनसुनी कर दी

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April 16, 2019, 12:46 p.m. | Location: 731: BR, Munger | Tags: gov problems grievance hospitals health facilities | Category: General