बिहार राज्य के जिला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के मदारपुर पंचायत के वार्ड नंबर 8 से रविंद्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रदीप तांती का साक्षात्कार लिए जिसमे उन्होंने बताया कि आनेवाले पंचायत चुनाव में वे वार्ड परिषद् के पद पर लड़ेंगे। जिसमे उनका मुख्य मुद्दा रहेगा कि वृद्ध जनो को पेंशन ,आवास योजना का लाभ ,सड़क ,बिजली और पानी की सुविधा जनता तक पहुँचाये।इसके आलावा वार्ड में किसी भी प्रकार की समस्या होगी तो उसका समाधान करेंगे। साथ ही बिहार सरकार की योजना के तहत वार्ड में नल जल योजना को लागू करेंगे।
बिहार राज्य के जिला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के मदारपुर पंचायत से रविंद्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से महिलाओं का साक्षात्कार लिए जिसमे उन्होंने बताया कि उन्हें शिक्षित ,ईमानदार और समाज का विकास करने वाला मुखिया चाहिए। इन्होने यह भी बताया कि इनलोगो को ग्राम सभा की कोई जानकारी नहीं है। वही कुछ अन्य महिलाओं का कहना है कि मुखिया ऐसा हो जो गरीबों की सुने ,गरीबो को देखे उसकी जरूरतों को पूरा करे। इन्होने यह भी बताया कि इनके ग्राम पंचायत में मुखिया द्वारा मनरेगा योजना के तहत रोजगार कार्ड नहीं बनाया गया है ।महिलाओ ने यह कि इन्हे घूसखोर मुखिया नहीं चाहिए ,भलाई करने वाला मुखिया चाहिए , वर्तमान मुखिया ने सरकारी योजना के तहत कोई लाभ नहीं दिलाया है।
बिहार राज्य के जिला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के मदारपुर पंचायत से रविंद्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से सरपंच प्रत्याशी मंजू देवी का साक्षात्कार लिए जिसमे उन्होंने बताया कि अगर वे दोबारा मुखिया के पद पर चुनी जाती है तो उनकी पूरी कोशिश रहेगी की वे बीते वर्ष से भी अच्छा कार्य करे। उनके क्षेत्र में ग्राम कचहरी के तहत जो भी मामले आएंगे उन्हें वे थाने तक नहीं जाने देंगी साथ ही पंचायत के लोगो को रोजगार उपलब्ध करायेगी और पंचायत के कार्यो में अपनी भागीदारी अच्छे से निभाएंगी। इन्होने ने यह भी बताया कि गोविंदपुर में बीस वर्षो से सड़क की समस्या चल रही थी जिसको इन्होने काफी हद तक सुलझा लिया है।
बिहार राज्य के जिला खगड़िया के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के मदारपुर पंचायत से रविंद्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कुछ ग्रामीणों का साक्षात्कार लिए जिसमे ग्रामीण विपिन कुमार, लखन पंडिया, मनोज कुमार, रविंद्र कुमार का कहना है कि वर्तमान मुखिया का कार्य सराहनीय रहा है जो भी फैसला किये है वह सराहनीय है। पांच वर्ष का कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है जनता का बहुत सहयोग की है एवं महिला होते हुए भी कई कार्य संपन्न कि है जैसे चरित्र प्रमाण पत्र हो या वंशावली बनवाना हो सबके लिए आगे खड़ी रहती है। गावं घर का बहुत से ऐसे मामले को इन्होने अपने स्तर पर निपटाया है उसे थाना तक नहीं ले गयी है। इसलिए इन लोगो को मंजू देवी के जैसा ही दोबारा मुखिया चाहिए। साथ ही कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें भी पढ़ा लिखा ,योग्य और काम करने वाला मुखिया चाहिए।
नाटापन को मात देने में मुंगेर बिहार में पांचवें स्थान पर - राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 2019 - 20 के आंकड़ों से हुआ ख़ुलासा - पोषण के अन्य सूचकांकों में भी हुआ सुधार मुंगेर, 05 अप्रैल | बिहार के बच्चों को नाटापन के जाल से निकलने में सफलता मिली है। आंकड़ों में मुंगेर जिला पूरे बिहार में पांचवें स्थान पर है जबकि शिवहर पहले पायदान पर है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच सालों में बिहार में नाटापन ( उम्र के हिसाब से लम्बाई का कम होना) में 5.4% की कमी आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 4 ( वर्ष 2015-16) के अनुसार में बिहार में 48.3% बच्चे नाटापन से ग्रसित थे, जो अब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 (वर्ष 2019- 20) के अनुसार घटकर 42.9% रह गया है। नाटापन में आई कमी सुपोषित मुंगेर की राह आसान करने में प्रमुख भूमिका अदा करेगी- जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और पोषण -पुनर्वास केंद्र मुंगेर के नोडल अधिकारी विकास कुमार ने बताया, बच्चों में नाटापन होने के बाद इसे पुनः सुधार करने की गुंजाइश कम हो जाती है एवं यह बच्चों में कुपोषण की सबसे बड़ी वजह भी बनती है। इस लिहाज से नाटापन में आई कमी सुपोषित मुंगेर की राह आसान करने में प्रमुख भूमिका अदा करेगी। अपर्याप्त पोषण एवं नियमित संक्रमण जैसे अन्य कारकों के कारण होने वाला नाटापन बच्चों में शारीरिक एवं बौद्धिक विकास को अवरुद्ध करता है जो स्वस्थ भारत के सपने के साकार करने में सबसे बड़ा बाधक भी है। उन्होंने बताया पिछले पांच वर्षों में नाटापन में कमी की बात करें तो मुंगेर जिला बिहार में पांचवें स्थान पर है। मुंगेर में नाटापन 11.1 % कम होकर 35.5 % हो गया। ‘बाल कुपोषण मुक्त बिहार’ अभियान बना सूत्रधार : पोषण एवं पुनर्वास केंद्र मुंगेर की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 के अनुसार पिछले पांच सालों में बिहार में नाटापन में कमी आयी है। यद्यपि, इस सुधार में पोषण एवं स्वास्थ्य के कुछ विशेष सूचकांकों में आई कमी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण - 5 के अनुसार जिले में पिछले पांच सालों में बिहार में 6 माह तक केवल स्तनपान, संस्थागत प्रसव, महिला सशक्तीकरण, संपूरक आहार ( 6 माह के बाद स्तनपान के साथ ठोस आहार की शुरुआत), कुल प्रजनन दर में कमी, 4 प्रसव पूर्व जाँच एवं टीकाकरण जैसे सूचकांकों में सुधार हुआ है। ये सूचकांक कहीं न कहीं नाटापन में कमी लाने में सहायक भी साबित हुए हैं। लेकिन वर्ष 2014 में शुरू की गई ‘बाल कुपोषण मुक्त बिहार’ अभियान नाटापन पर अधिक केन्द्रित था। इस तरह अभियान के तहत किए गए सार्थक एवं सामूहिक प्रयास नाटापन में कमी लाने में सूत्रधार बना। वहीं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, समेकित बाल विकास सेवा सुदृढ़ीकरण एवं पोषण सुधार योजना (आईएसएसएनपी), पोषण अभियान एवं ओडीएफ़ जैसे कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन भी नाटापन में सुधार लाने में सकारात्मक प्रभाव डाला है। नाटापन के गंभीर दूरगामी परिणाम : उन्होने बताया उम्र के हिसाब से लंबाई कम होना ही नाटापन कहलाता है। गर्भावस्था से लेकर शिशु के 2 वर्ष तक की अवधि यानी 1000 दिन बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास की आधारशिला तैयार करती है। इस दौरान माता एवं शिशु का स्वास्थ्य एवं पोषण काफी मायने रखता है। इस अवधि में माता एवं शिशु का खराब पोषण एवं नियमित अंतराल पर संक्रमण नाटापन की सम्भावना को बढ़ा देता है। नाटापन होने से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध होता है| साथ ही नाटापन से ग्रसित बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक बीमार पड़ते हैं। उनका आई-क्यू स्तर कम जाता है एवं भविष्य में आम बच्चों की तुलना में वह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ भी जाते हैं।
*संजय केशरी बने बिहार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष* बिहार वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिपुल सिंह ने संजय केशरी को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया। संजय केशरी को बिहार वेलफेयर एसोसिएशन का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बिपुल सिंह ने कहा कि संजय केशरी के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं अन्य क्षेत्रों में एसोसिएशन अपनी छाप छोड़ेगा। उन्होंने श्री केशरी को एक महीने के अंदर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करने का निर्देश देते हुए सभी जिलों में एसोसिएशन का सांगठनिक विस्तार करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नवमनोनीत प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा कि बिहार वेलफेयर एसोसिएशन जिस तरह से अब तक और विशेषकर कोरोना काल में अन्य राज्यों में बिहारियों की सेवा की है उसी तरह हमलोग अब बिहार राज्य में बिहारियों के लिए सेवा उपलब्ध करायेंगे। श्री केशरी ने आगे कहा कि एसोसिएशन बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए भी जमींनी स्तर पर काम करेगा विशेषकर महिलाओं के उत्थान में हमलोग ऐतिहासिक कार्य करेंगे। इस अवसर पर मनोरंजन सिंह, दिग्विजय सिंह उर्फ़ खड़ग सिंह, राजीव कुमार शर्मा, आजाद शर्मा, शंकर यादव आदि मौजूद थे।
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बिहार राज्य के खगड़िया जिला के गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के देवठा पंचायत के वार्ड नंबर 3 से रविन्द्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ग्रामीणों से मिलकर बातचीत किये। जिसमें अजय कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान मुखिया के जैसा ही मुखिया चाहिए क्यूंकि उन्होंने ढंग से पंचायत को सुचारु रूप से चलाया है। गाँव का विकास किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मुखिया के जैसा किसी और मुखिया ने विकास नहीं किया था, परन्तु वर्तमान मुखिया द्वारा धरातल पर काम किया गया है। इसलिए उनका कहना है कि हमें वर्तमान मुखिया ही चाहिए। साथ ही साथ दूसरे ग्राम वासी विकास ने बताया कि उनकी उम्र अभी 18 वर्ष नहीं हुई है ,जिसके कारण वह वोट नहीं डाल सकते परन्तु उनका भी यही मानना कि हमें वर्तमान मुखिया ही चाहिए क्यूंकि उनके द्वारा विकास किया गया है।
बिहार राज्य के खगड़िया जिला के गोगरी प्रखण्ड के देवठा पंचायत से रविंद्र कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ग्रामीण सुनील कुमार शर्मा से साक्षात्कार लिए है। जिसमें सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि उनके गाँव में इस पंचवर्षीय भी वहीं मुखिया चाहिए जो जनता की सेवा में 24 घंटा उपलब्ध रहे,जनता के हर सुख दुख में साथ दें,जो जनता तथा गांव का विकास करे।उनके पंचायत में अभी के मुखिया ने जो अभी तक विकास किया है वह बहुत अच्छा विकास कार्य किया है। इसलिए वह मुखिया से आग्रह करते है कि जो भी मुखिया बने वह कम से कम अपना योगदान में हॉस्पिटल भी देने की कृपा करेंगे। क्योकि इनके पंचायत में हॉस्पिटल नहीं है। इसलिए इनका कहना है कि मुखिया को इनके पंचायत में हॉस्पिटल की व्यवस्था करना जरूरी है क्योंकि अगर किसी भी पेशेंट को किसी तरह का दिक्कत होता है तो 15 किलोमीटर दूर लेकर जाना पड़ता है। इसलिए उनका कहना है कि जो भी मुखिया आएंगे उनसे यही आग्रह होगा कि पंचायत में हॉस्पिटल की व्यवस्था अपने ऊंची सौजन्य से करवाएं। वही कहते है कि ग्रामसभा मुखिया जी के सौजन्य से होता है। ग्राम सभा में जो भी पंचायत स्तर में पारित करवाया जाता है,वह ग्राम सभा से ही पारित करवाया जाता है। वह ग्राम सभा में दो - तीन बार हिस्सा लिए हैं तो उसमें संतुष्टि पूर्वक सवालों का जवाब मिला था।
बिहार राज्य के खगरिया जिला के गोगरी प्रखंड के देवठा पंचायत से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से मुखिया प्रतिनिधि छतरी शर्मा से साक्षात्कार लिए है। जिसमें उनका कहना है कि इनके गाँव की जनता ने इन्हें पंचायत चलाने के लिए कार्यभार दिया और इन्होने काफी अच्छे से पांच साल कार्यभार संभाला है। उन्होंने ऐसा बहुत सा काम किया है जो पहले बीस वर्ष में कोई मुखिया नहीं कर पाये है। अगर वह दुबारा चुनाव जीतते है तो गरीब को रोजगार दिलाएंगे और अभी भी दिला रहे हैं। इनका कहना है कि समाज की जनता बहुत बढ़िया है। वह उन्हें प्रतिनिधि चुने है और आगे भरोसा है कि भविष्य में जनता निश्चित चुनेगी। वह पंचायत की जनता को धन्यवाद देते हैं कि एक एक वोट से उन्हें प्रतिनिधि बनाया है,इसके लिए वह अभी तक निर्वाह कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
