विपिन कुमार,मुंगेर से मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि रूठ गया बदरा,तरस रहे किसान।मुंगेर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनो प्रतिदिन आसमान में बादल को मंडराते देख किसानो की उम्मीदें जगने लगती है,उन्हें लगता है की अब उनके खेतो में लगे फसलो को फिर से जान आ जाएगी किन्तु चिलचिलाती धुप से किसान मायूस हो जाते है.बारिश नहीं होने से नमी की कमी के कारण फसलो की बुआई नहीं हो पा रही है।बारिश न होने से न सिर्फ किसान बल्कि आम जीवन भी प्रभावित हो रहे है.अगर आप भी इसी तरह की ख़बरें हमारे साथ साझा करना चाहते है, तो हमारे नि:शुल्क 08800984861 पर जरूर मिस्ड कॉल दें।
