दो जिलों में फैले प्रखंड अंतर्गत वाजिदपुर गांव जो अर्धनारीश्वर गांव के रूप में बरसों से रह रहा है। विदित हो कि यह गांव नवादा और शेखपुरा जिले के सीमावर्ती में बसा है । जहां के आधा से ज्यादा ग्रामीण नवादा जिला में पड़ते है। जब कि एक चौथाई हिस्सा ग्रामीण जो शेखपुरा जिला में आते हैं । अब एक ही गांव के दो अलग-अलग जिले में आना ग्रामीणों की समस्या बढ़ा रही है । बरसों से ग्रामीणों की सामंजस्य स्थिति नहीं बन रही है। की एक चौथाई हिस्सा का लाभ किस जिले से लिया जा सके । इस बाबत इसकी जानकारी देते हुए ग्रामीण अजय चौधरी , हरिहर प्रसाद ने बताया कि बरसों से लगभग इस गांव के एक सौ घर जो शेखपुरा जिला के क्षेत्र परिधि में पड़ता है। जिसके बाद भी इन्हें पंचायत का लाभ नहीं मिल पाता । अन्य किसी प्रकार की आकस्मिक घटना दुर्घटना होने पर भी शेखोपुर सराय थाना परिसर और नवादा जिला के प्रशासन मौजूद होते हैं । अधिकांश पर ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादातर काम हम शेखपुरा जिला से ही किया करते हैं ।जब भी पंचायत चुनाव की बारी आती है। तो कुछ ग्रामीणों को नवादा में धकेला जाता है तो कुछ को शेखपुरा में जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता है कि आखिर हम लोग किस जिले के निवासी हैं। वहीं ग्रामीण हरिहर प्रसाद के द्वारा यह भी बताया जाता है कि कई बार शेखपुरा क्षेत्र में आने वाले सिमाना को नापा जा चूका हैं और अधिकारियों के द्वारा यह सुनिश्चित भी कराया जा चुका है कि बाजीतपुर के लगभग एक सौ घर शेखपुरा जिला में ही पड़ता है। तदोपरांत भी एक सौ घरों के ग्रामीणों को किसी प्रकार का लाभ से आज तक वंचित रखा गया है । उन्होंने बताया कि वाजिदपुर गांव में हम लोग अर्धनारीश्वर गांव के समान ग्रामीण माने जाते हैं जो न नवादा जिला स्पष्ट करता है और न ही शेखपुरा जिला प्रशासन से लाभ मिल रहा है।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।
