विश्व स्वच्छता दिवस इस वर्ष विश्व स्वस्थ्य संगठन कोविड की इस महामारी मे स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मियों , मरीजो एवं उन मरीजो की देख रेख कर रहे परिजनों अथवा कर्मियों के तीन महत्व पूर्ण अंगो में ध्यान में रख कर प्राचर प्रसार करने एवं इसे अपनाने को बल दे रहा है | मौजूदा संकट को देखते हुए, पिरामल स्वस्थ्य के जिला प्रतिनिधि विशाल कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने का एक प्रभावी तरीका हाँथ की स्वच्छता ही है । बार बार हाथों को अच्छे से धोने से भी कोरोनावायरस बचाव हो सकता है क्यों कि आंकडे कहते है। स्वस्थ्य सेवा प्रदान के दौरान हाँथ की सफाई की विधि को अपनाने से 50% रोगों से बचाया जा सकता है | प्रभावी होने के लिए और स्वास्थ्य देखभाल के दौरान संक्रामक सूक्ष्मजीवों के संचरण को रोकने के लिए, जब आवश्यक हो , मरीज के सम्पर्क में आने से पहले और बाद में (न्यूनतम 5 चरणों में ) और सबसे प्रभावी तरीके से (आसानी से उपलब्ध हैण्ड वास या साबुन के द्वारा सही तरीके का उपयोग करके) हाथ स्वच्छता का प्रदर्शन एवं देखभाल किया जाना चाहिए । सन 2009 में हाँथ स्वच्छता दिवस एक वैश्विक अभियान के रूप में शुरू किया गया था जो लोगों को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया था। ’क्लीन योर हैंड्स’ पर केंद्रित यह आयोजन स्वस्थ्य पोषण और स्व्च्छता को प्रभावी कर जीवन स्तर में गुणात्मक परिवर्तन लाना था। यह अभियान हाथ स्वच्छता को बनाए रखने के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया था। इस कोरोनावायरस के महामारी काल में जहा आधिकाधिक लोग अपने घरों में रह कर ईलाज ले रहे है एक तो वे स्वयं को घर के अन्य सदश्यो से दूर और अलग रहे वही नियमित हाथो की सफाई एक नियमित अन्तराल पर करते रहे | साथ ही परिवार के बाकि सदस्य भी मास्क के प्रयोग के साथ साथ हाथो की स्वछता नियमित अन्तराल पर करते रहे और घर के सभी लोग इसे अपनाये क्यों इस काल में जहा यह कोविड से बचाव करेगा। वही अन्य प्रकार के संक्रमण से भी बचाव करेगा और आपके बच्चों के पोषण स्तर में बढ़ावा देगा |प्रत्येक मरीज को हाथ की सफाई की जानकारी दी जा रही है। पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।