कोरोना के बढ़ते कहर के दौरान जिला में मरने वालों और संक्रमितों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि से जहां जिलावासी भयभीत नजर आ रहे है। वहीं अपनी जान जोखिम में डाल कर जिले के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना के कहर को रोकने में जुटे है। इस बाबत सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने कहा कि इस जिला में अत्यधिक खराब तबियत वाले संक्रमित मरीजों के लिए ओक्सीजन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस जिला में वर्तमान में ओक्सीजन का कुल 213 छोटा बड़ा सिलेंडर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जिले कर बरबीघा और अरियरी में तीस तीस बेड संक्रमित मरीजों के इलाज हेतु लगाया गया है। जहां ओक्सीजन की पूरी व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के दस खराब पड़े ओक्सीजन के नोजल का मरम्मती करवा कर उसे चालू कर दिया गया है। जबकि सदर अस्पताल के जेनरिक वार्ड में भी इसकी व्यवस्था है। वहीं कोविड सेंटर जख राज स्थान में भी पर्याप्त ओक्सीजन और हर प्रकार की दवा उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि जिला के कुछ लोग चिकित्सकों के सामने इस तरह की परेशानी पैदा कर देते है कि किन्हीं का मरीज किडनी , दम्मा आदि विभिन्न असाध्य रोंगो से ग्रसित होने के बाद वैसे मरीजों में अंतिम स्टेज में आई ओक्सीजन की कमी को देखते हुए उन्हें कोविड सेंटर ले आते है। जिसके कारण कोविड से जूझ रहे मरीजों के इलाज में बाधा पहुंचती है। सिविल सर्जन ने कहा कि चिकित्सकों की कमी के बाबजूद उपलब्ध संसाधनों में कोविड के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का सकारात्मक उपलब्धि देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के गलत सोच के कारण कई अन्य रोंगो से ग्रसित मरीजों की जान जा रही है। इस लिए उन्होंने सलाह दी कि रोगी जिस रोग से आक्रांत हो। उसी रोग का इलाज कराए। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की।
