बिहार विधालय परीक्षा द्वारा आयोजित इंटरमिडीएट की बार्षिक परीक्षा में अंक बढाने वाले गिरोह का उद्भेदन किया गया है। इस मामले की आंच बिहार विधालय परीक्षा समिति तक पहुच गयी है। पुलिस वहां से परीक्षार्थियों के डाटा लिक करने वालो की पहचान में जुट गयी है। एसपी कार्तिकेय शर्मा द्वारा गठित विशेष पुलिस टीम ने जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड के अस्थाना गाव से दो साइबर ठग सतीश कुमार और राहुल कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इसके पास से 13 मोबाइल, एक लैपटॉप, बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, एटीएम और बिहार विधालय परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी के नाम-पता, मोबाइल नम्बर और विधालय का नाम आदि अंकित कागजात बरामद किया गया है। इस धंधे की कमाई से खरीदी गयी बाइक भी पुलिस ने बरामद की है। घटना का मुख्य सरगना पांची गाव निवासी तिरंजू महतो अभी पुलिस की पकड से दूर है। साइबर ठग अभी तक इस मामले में लगभग 10 लाख रूपये की ठगी कर चुके हैं। इन लोगो ने अभी तक 300 से ज्यादा लोगो को अपना शिकार बना चुके हैं। इस मामले में एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के क्रम में इन लोगो ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अपराधियों ने बताया कि परीक्षा में शामिल हुए लोगो को फोन कर कम नंबर आने की जानकारी देते थे। प्रमाण के रूप में उन्हें फोटोशोप के माध्यम से फर्जी मार्क सीट उपलब्ध कराते थे। नम्बर बढाने के लिए चार से पांच हजार रुपया देने के बाद उन्हें दूसरा अंक पत्र भेज देते थे। बैंक खाता में रुपया आते ही पांची गाव का ऋषिकेश कुमार एटीएम से रुपयों की निकासी कर लेता था। जबकि पांची गाव का तिरंजू महतो समिति से सम्बन्धित परीक्षार्थियों का डाटाबेस उपलब्ध कराता था।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
