आदिवासी सेंगेल अभियान की एक बैठक रविवार को पेटरवार बाजार टांड़ स्थित प्रभात होटल के निकट की गयी. जिसकी अध्यक्षता मांझी परगना मंडवा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष चन्द्र मोहन मार्डी ने की. बैठक को सम्बोधित करते हुए आदिवासी सेंगेल अभियान के झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू ने कहा कि आज 5 नवंबर को लुगुबुरु घंटा बाड़ी बचाव आक्रोश रैली जो किया जा रहा है, वो लुगुबुरु घंटा बाड़ी को बचाने से ज्यादा जेएमएम पार्टी को बचाने की रैली है. हाइडल पावर प्लांट प्रोजेक्ट खोलना या पर्यटन स्थल बनाना राज्य सरकार की अनुमति के बिना नही हो सकता है. इसमें निश्चित रूप से जेएमएम पार्टी के हेमन्त सोरेन सरकार की सहमति है. इन्होंने कहा पारस नाथ मरांग बुरू के बाद अब लुगुबुरु की बारी है. जबकि आज जो आन्दोलन कर रहे हैं वे जेएमएम पार्टी और उसके बी टीम मांझी महल, आसेका, संताली राइटर एसोशिएशन, लुगुबुरु कमिटी, जाहेर सेवा ट्रस्ट आदि हैं. ये लोग कम्पनी को लाने वाले झारखंड के हेमन्त सोरेन सरकार के दोष को छुपाने और लोगों को दिग्भ्रमित के लिए कम्पनी और भारत सरकार का विरोध कर रहे हैं. जो आदिवासी समाज के लिए दुर्भाग्य की बात है. हम आदिवासी सेंगेल अभियान और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में मरांग बुरू, लुगुबुरु और आजोदिया बुरु सहित आदिवासियों के तमाम पहाड़ पर्वत को बचाने का अभियान चला रहे हैं. बैठक में सेंगेल सरना धर्म मंडवा प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार मुर्मू, बोकारो जोनल युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय टुडू, बोकारो जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष ललिता सोरेन, संतोष सोरेन आदि लोग उपस्थित थे.
